स्थानीय नगरीय प्रशासनImage result for स्थानीय नगरीय प्रशासन


 भारत में सबसे पहले नगरपालिका की शुरूआत चैन्नई से 1667 में मानी।
राजस्थान में इसकी व्यवस्थित शुरूआत माउण्ट आबू से मानी जाती है।
74 वां संविधान संशोधन 1992 द्वारा इसे संवैधानिक दर्जा दिया गया।
अनुच्छेद 243(S) में वार्ड समितियों का गठन।
अनुच्छेद 243(R) त्रिस्तरिय नगरीय शासन।
नगरपालिका, नगर परिषद, नगर निगम।
अनुच्छेद 243(Z-A) निर्वाचन आयुक्त का प्रावधान।
नियुक्ति - राज्यपाल द्वारा।
कार्यकाल - 5 वर्ष।
विघटन की स्थिति में 6 माह में चुनाव आवश्यक।
प्रथम - अमर सिंह राठौड।
अनुच्छेद 243(T.) आरक्षण का प्रावधान
महिलाओं को 1/3 तथा एस सी व एस टी जनसंख्या के अनुपात में।
अनुच्छेद 243(Y) राज्य वित्त आयोग
राजस्थान में नगरपालिका अधिनियम 1994 बनाया गया जिसके प्रावधान निम्न हैं।
*नगरपालिकानगरपरिषदनगरनिगम
जनसंख्या20 हजार से 1 लाख जनसंख्या तक1 लाख से 5 लाख तक5 लाख से अधिक पर
प्रथममाउण्ट आबू (1864)अजमेर - 1959जयपुर - 1993
पदाधिकारीचैयरमैन(2009 से सीधी चुनाव), उपचैयरमैन, पार्षद(सीधे वयस्क मताधिकार द्वारा)चेयरमैन, उपचेयरमैन, पार्षदमहापौर, उप महापौर, पार्षद
शपथपीठासीन अधिकारीई. ओ.सी. ई. ओ.
त्यागपत्रई. ओ.ई. ओ.राज्य सरकार
निर्वाचनसामान्यतय 5 वर्षसामान्यतय 5 वर्षसामान्यतय 5 वर्ष
उम्मीदवार बनने की आयु21 वर्ष21 वर्ष21 वर्ष
अविश्वास प्रस्ताव1/3 सदस्यों द्वारा 3/4 बहूमत के आधार पर पहले 2 वर्ष तक तथा कार्यकाल के अन्तिम 6 माह तक नहीं अया जाता अविश्वास प्रस्ताव के साथ साथ उस निकाय के अध्यक्ष को हटाने के लिए राइट टु रिकाॅल का प्रावधान किया गया है। इसका पहला प्रयोग बांरा जिले के मंगरौला केेे नगरपालिका अध्यक्ष अशोक जैन को हटाने के लिए किया।1/3 सदस्यों द्वारा 3/4 बहूमत के आधार पर पहले 2 वर्ष तक तथा कार्यकाल के अन्तिम 6 माह तक नहीं अया जाता अविश्वास प्रस्ताव के साथ साथ उस निकाय के अध्यक्ष को हटाने के लिए राइट टु रिकाॅल का प्रावधान किया गया है।1/3 सदस्यों द्वारा 3/4 बहूमत के आधार पर पहले 2 वर्ष तक तथा कार्यकाल के अन्तिम 6 माह तक नहीं अया जाता अविश्वास प्रस्ताव के साथ साथ उस निकाय के अध्यक्ष को हटाने के लिए राइट टु रिकाॅल का प्रावधान किया गया है।

तथ्य

21 नवम्बर 1995 से 2 से अधिक सन्तान होने पर उम्मीदवार को अयोग्य ठहराया गया है। राजस्थान में पंचायती राज के लिए हरीश चन्द माथूर समिती, 1963 . सदिक अलि समिति 1964, गिरधारी लाल व्यास समिती, 1973, अरूण कुमार समिति 1996, गुलाब चन्द कटारिया समिती 2006, वी. एस. व्यास समिति 2009, जे. पी. चन्देलिया समिति 2010 गठित कि गई है।