पंजाब(89 कि.मी)
राजस्थान के दो जिलो की सीमा पंजाब से लगती है।तथा पंजाब के दो जिले फाजिल्का व मुक्तसर की सीमा राजस्थान से लगती है।पंजाब के साथ सर्वाधिक सीमा श्री गंगानगर व न्यूनतम सीमा हनुमानगढ़ की लगती है। पंजाब सीमा के नजदीक जिला मुख्यालय श्री गंगानगर तथा दुर जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ हैं। पंजाब सीमा पर क्षेत्रफल में बड़ा जिला श्री गंगानगर व छोटा जिला हनुमानगढ़ है।हरियाणा(1262 कि.मी.)
राजस्थान के 7 जिलों की सीमा हरियाणा के 7 जिलों(सिरसा, फतेहबाद, हिसार, भिवाणी, महेन्द्रगढ़, रेवाडी, मेवात) से लगती है। हरियाणा के साथ सर्वाधिक सीमा हनुमानगढ़ व न्युनतम सीमा जयपुर की लगती है।तथा सीमा के नजदीक जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ व दुर मुख्यालय जयपुर का हैं। हरियाणा सीमा पर क्षेत्रफल में बड़ा जिला चुरू व छोटा जिला झुंझुनू है। मेवात(नुह) नवनिर्मित जिला है।जो राजस्थान के अलवर जिले को छुता है।उत्तरप्रदेश(877 कि.मी.)
राजस्थान के दो जिलों की सीमा उत्तरप्रदेश के दो जिलों(मथुरा व आगरा) से जगती है। उत्तरप्रदेश के साथ सर्वाधिक सीमा भरतपुर व न्युनतम धौलपुर कि लगती है।उत्तरप्रदेश की सीमा के नजदीक जिला मुख्यालय भरतपुर व दुर जिला मुख्यालय धौलपुर है। उत्तरप्रदेश की सीमा पर क्षेत्रफल में बड़ा जिला भरतपुर व छोटा जिला धौलपुर है।
मध्यप्रदेश(1600 कि.मी.)
राजस्थान के 10 जिलों की सीमा मध्यप्रदेश के 10 जिलों की सीमा से लगती है।(झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, निमच, अगरमालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्यौपुर, मुरैना) मध्यप्रदेश के साथ सर्वाधिक सीमा झालावाड़ व न्यूनतम भीलवाड़ा की लगती है।तथा सीमा के नजदीक मुख्यालय धौलपुर व दुर जिला मुख्यालय भीलवाड़ा है।मध्यप्रदेश की सीमा पर क्षेत्रफल में बड़ा जिला भीलवाड़ा व छोटा जिला धौलपुर है।गुजरात(1022 कि.मी.)
राजस्थान के 6 जिलों की सीमा गुजरात के 6 जिलों से लगती है। (कच्छ, बनासकांठा, साबरकांठा, अरावली, माहीसागर, दाहोद) गुजरात के साथ सर्वाधिक सीमा उदयपुर व न्युनतम सीमा बाड़मेर की लगती है।तथा सीमा के नजदीक जिला मुख्यालय डुंगरपुर व दुर मुख्यालय बाड़मेर है। गुजरात सीमा पर क्षेत्रफल में बड़ा जिला बाडमेर व छोटा जिला डंुगरपुर है। राजस्थान के पांच पडौसी राज्य है।- पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात। सबसे कम अन्तराज्जीय सीमा बनाने वाला जिला बाडमेर व अधिक झालावाड़ बनाता है। सन् 1800 में जाॅर्ज थामसन ने सर्वप्रथम इस भू-प्रदेश को राजपुताना नाम दिया सन् 1829 में कर्नल जेम्सटाॅड ने अपनी पुस्तक द एनाल्स एण्ड एन्टीक्यूटीज आॅफ राजस्थान में हमारे इस राज्य के लिए राजस्थान, रायथान, रजवाडा नाम दिया था।तथ्य
26 जनवरी 1950 को संविधानिक रूप से हमारे राज्य का नाम राजस्थान पडा।
राजस्थान अपने वर्तमान स्वरूप में 1 नवंम्बर 1956 को आया। इस समय राजस्थान में कुल 26 जिले थे।
26 वां जिला-अजमेर-1 नवंम्बर, 1956
27 वां जिला-धौलपुर-15 अप्रैल, 1982, यह भरतपुर से अलग होकर नया जिला बना।
28 वां जिला- बांरा-10 अप्रैल, 1991, यह कोटा से अलग होकर नया जिला बना।
29 वां जिला-दौसा-10 अप्रैल,1991, यह जयपुर से अलग होकर नया जिला बना।
30 वां जिला- राजसंमद-10 अप्रैल, 1991, यह उदयपुर से अलग होकर नया जिला बना।
31 वां जिला-हनुमानगढ़-12 जुलाई, 1994, यह श्री गंगानगर से अलग होकर नया जिला बना।
32 वां जिला -करौली 19 जुलाई, 1997, यह सवाई माधोपुर से अलग होकर नया जिला बना।
33 वां जिला-प्रतापगढ़-26 जनवरी,2008, यह तीन जिलों से अलग होकर नया जिला बना।
- चित्तौडगढ़- छोटी सादडी, आरनोद,प्रतापगढ़ तहसील
- उदयपुर-धारियाबाद तहसील
- बांसवाडा- पीपलखुट तहसील
प्रतापगढ जिला परमेशचन्द कमेटी की सिफारिश पर बनाया गया।प्रतापगढ जिले ने अपना कार्य 1 अप्रैल, 2008 से शुरू किया। प्रतापगढ़ को प्राचीन काल में कांठल व देवला/देवलीया के नाम से जाना जाता था।
राजस्थान का गंगानगर शहर पहले एक बड़ा गांव हुआ करता था रामगनगर।
राजस्थान का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा जिला जैसलमेर(38401 वर्ग कि.मी.) है जो भारत का तीसरा बड़ा जिला है( प्रथम- कच्छ, द्वितीय- लदाख या लेह )।
राजस्थान के जैसलमेर जिले को सात दिशाओं वाले बहुभुज की संज्ञा दि है।
राजस्थान के सीकर जिले की आकृति अर्द्धचन्द्र या प्याले के समान है।
राजस्थान के टोंक जिले की आकृति पतंगाकार मानी गई है।
राजस्थान के अजमेर जिले की आकृति त्रिभुजाकार मानी गई है।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले की आकृति घोड़े के नाल के समान है।
राजस्थान के दो जिले खंण्डित जिले हैं-1. अजमेर - टाॅडगढ़ 2. चित्तौड़गढ़ - रावतभाटा
