राजस्थान के संभाग
जयपुर संभाग- जयपुर, दौसा, सीकर, अलवर, झुंझुनू
जोधपुर संभाग- जोधपुर, जालौर, पाली, बाड़मेर, सिरोही, जैसलमेर
भरतपुर संभाग- भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर
अजमेर संभाग- अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, नागौर
कोटा संभाग- कोटा, बुंदी, बांरा, झालावाड़
बीकानेर संभाग- बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चुरू
उदयपुर संभाग- उदयपुर, राजसंमद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा,चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़
अन्तर्राष्ट्रीय सीमा
अन्तर्राष्ट्रीय सीमा बनाने वाले संभाग- बीकानेर व जोधपुर
सर्वाधिक अन्तर्राष्ट्रीय सीमा बनाने वाला संभाग- जोधपुर
न्युनतम अन्तर्राष्ट्रीय सीमा बनाने वाला संभाग-बीकानेर
अन्तर्राष्ट्रीय सीमा के नजदीक संम्भागीय मुख्यालय-बीकानेर
अन्तर्राष्ट्रीय सीमा से दुर सम्भागीय मुख्यालय -जोधपुर
अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर क्षेत्रफल में बड़ा संभाग- जोधपुर
अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर क्षेत्रफल में छोटा संभाग- बीकानेर
अन्तर्राज्जीय सीमा
अन्तर्राज्जीय सीमा बनाने वाले संभाग-सात
सर्वाधिक अन्तर्राज्जीय सीमा बनाने वाला सम्भाग- उदयपुर
न्युनतम अन्तर्राज्जीय सीमा सीमा बनाने वाला संभाग- अजमेर
अन्तर्राज्जीय सीमा के नजदीक संभागीय मुख्यालय- भरतपुर
अन्तर्राज्जीय सीमा से दुर संभागीय मुख्यालय- जोधपुर
अन्तर्राज्जीय सीमा पर क्षेत्रफल में बड़ा संभाग -जोधपुर
अन्तर्राज्जीय सीमा पर क्षेत्रफल में छोटा संभाग- भरतपुर
दो बार अन्तर्राज्जीय सीमा बनाने वाला संभाग- उदयपुर(चित्तौड़गढ़ के दो भाग)
राजस्थान का मध्यवर्ती संभाग- अजमेर
सभी 6 संभागों की सीमा से लगने वाला संभाग-अजमेर
सर्वाधिक नदियों वाला संभाग-कोटा(नदियांे वाला जिला- चित्तौड़गढ़)
सबसे कम नदियों संभाग- बीकानेर(बीकानेर व चुरू जिले में कोई नदी नहीं बहती है)
राजस्थान में संभागीय व्यवस्था की शुरूआत 1949 में हीरालाल शास्त्री सरकार द्वारा की गई।अप्रैल, 1962 में मोहनलाल सुखाडि़या सरकार के द्वारा संभागीय व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया। 15 जनवरी, 1987 में हरि देव जोशी सरकार के द्वारा संभागीय व्यवस्था की शुरूआत दुबारा की गई।
1987 में राजस्थान का छठा संभाग अजमेर को बनाया गया।यह जयपुर संभाग से अलग होकर नया संभाग बना। 4 जुन, 2005 को राजस्थान का 7 वां संभाग भरतपुर को बनाया गया।
भरतपुर संभाग दो संभागों से अलग होकर बना जो निम्न है।
जयपुर संभाग से भरतपुर व धौलपुर लिये गये तथा कोटा संभाग से सवाई माधोपुर व करौली लिये गये।
राजस्थान अपने वर्तमान स्वरूप 1 नवम्बर 1956 को आया। वर्तमान में राजस्थान में 6 जिलों वाले 2संभाग(जोधपुर व उदयपुर) है तथा 5 जिलों वाला संभाग एक जयपुर है।तथा 4 जिलों वाले संभाग(बीकानेर, कोटा, भरतपुर, अजमेर)4है।
4 जुन, 2005 से पुर्व 7 जिलों वाला संभाग- जयपुर, 6जिलों वाला संभाग- जोधपुर व कोटा,5 जिलों वाला संभाग उदयपुर, 4जिलों वाला संभाग 2(बीकानेर व अजमेर) थे।
जयपुर संभाग- जयपुर, दौसा, सीकर, अलवर, झुंझुनू
जोधपुर संभाग- जोधपुर, जालौर, पाली, बाड़मेर, सिरोही, जैसलमेर
भरतपुर संभाग- भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर
अजमेर संभाग- अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, नागौर
कोटा संभाग- कोटा, बुंदी, बांरा, झालावाड़
बीकानेर संभाग- बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चुरू
उदयपुर संभाग- उदयपुर, राजसंमद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा,चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़
अन्तर्राष्ट्रीय सीमा
अन्तर्राष्ट्रीय सीमा बनाने वाले संभाग- बीकानेर व जोधपुर
सर्वाधिक अन्तर्राष्ट्रीय सीमा बनाने वाला संभाग- जोधपुर
न्युनतम अन्तर्राष्ट्रीय सीमा बनाने वाला संभाग-बीकानेर
अन्तर्राष्ट्रीय सीमा के नजदीक संम्भागीय मुख्यालय-बीकानेर
अन्तर्राष्ट्रीय सीमा से दुर सम्भागीय मुख्यालय -जोधपुर
अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर क्षेत्रफल में बड़ा संभाग- जोधपुर
अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर क्षेत्रफल में छोटा संभाग- बीकानेर
अन्तर्राज्जीय सीमा
अन्तर्राज्जीय सीमा बनाने वाले संभाग-सात
सर्वाधिक अन्तर्राज्जीय सीमा बनाने वाला सम्भाग- उदयपुर
न्युनतम अन्तर्राज्जीय सीमा सीमा बनाने वाला संभाग- अजमेर
अन्तर्राज्जीय सीमा के नजदीक संभागीय मुख्यालय- भरतपुर
अन्तर्राज्जीय सीमा से दुर संभागीय मुख्यालय- जोधपुर
अन्तर्राज्जीय सीमा पर क्षेत्रफल में बड़ा संभाग -जोधपुर
अन्तर्राज्जीय सीमा पर क्षेत्रफल में छोटा संभाग- भरतपुर
दो बार अन्तर्राज्जीय सीमा बनाने वाला संभाग- उदयपुर(चित्तौड़गढ़ के दो भाग)
राजस्थान का मध्यवर्ती संभाग- अजमेर
सभी 6 संभागों की सीमा से लगने वाला संभाग-अजमेर
सर्वाधिक नदियों वाला संभाग-कोटा(नदियांे वाला जिला- चित्तौड़गढ़)
सबसे कम नदियों संभाग- बीकानेर(बीकानेर व चुरू जिले में कोई नदी नहीं बहती है)
राजस्थान में संभागीय व्यवस्था की शुरूआत 1949 में हीरालाल शास्त्री सरकार द्वारा की गई।अप्रैल, 1962 में मोहनलाल सुखाडि़या सरकार के द्वारा संभागीय व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया। 15 जनवरी, 1987 में हरि देव जोशी सरकार के द्वारा संभागीय व्यवस्था की शुरूआत दुबारा की गई।
1987 में राजस्थान का छठा संभाग अजमेर को बनाया गया।यह जयपुर संभाग से अलग होकर नया संभाग बना। 4 जुन, 2005 को राजस्थान का 7 वां संभाग भरतपुर को बनाया गया।
भरतपुर संभाग दो संभागों से अलग होकर बना जो निम्न है।
जयपुर संभाग से भरतपुर व धौलपुर लिये गये तथा कोटा संभाग से सवाई माधोपुर व करौली लिये गये।
राजस्थान अपने वर्तमान स्वरूप 1 नवम्बर 1956 को आया। वर्तमान में राजस्थान में 6 जिलों वाले 2संभाग(जोधपुर व उदयपुर) है तथा 5 जिलों वाला संभाग एक जयपुर है।तथा 4 जिलों वाले संभाग(बीकानेर, कोटा, भरतपुर, अजमेर)4है।
4 जुन, 2005 से पुर्व 7 जिलों वाला संभाग- जयपुर, 6जिलों वाला संभाग- जोधपुर व कोटा,5 जिलों वाला संभाग उदयपुर, 4जिलों वाला संभाग 2(बीकानेर व अजमेर) थे।
