हाड़ौती का चौहान वंश || hadoti ka chauhan vans || सम्पूर्ण जानकारी -Rajasthan Gk



हाडौ़ती

👉 अन्य नाम - हाड़ावती
👉 वंश - हाडा
👉 शाखा - चौहानों की
👉 कुल - सूर्यवंशी
👉 संस्थापक-
    ➡ बुंदी -
       - संस्थापक - बंबावदे मेवाड़ के सामंत देव सिंह हाडा या देवा हाडा द्वारा बुन्दू घाटी के जैता मीणा को परास्त कर
       - स्थापना - 1241 ईस्वी
       - मुल प्रदेश - बूंदा-का-नाल( शंकरा मार्ग) /बूंदी /वृंदा वती
    ➡ कोटा - 
       - संस्थापक - माधव सिंह हाडा
       -  स्थापना - 1631 ईसवी (समकालीन मुगल बादशाह शाहजहां) 
    ➡ झालावाड़-
       - संस्थापक - कोटा दीवान मदन सिंह (झाला झाला जालिम सिंह का पोता) ने कोटा महाराव रामसिंह द्वितीय के काल में
       - स्थापना -1838 ईस्वी( समकालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड ऑकलैंड) 

                     👇महत्वपूर्ण नोट्स👇

✔ राजपूताने की सबसे नवीन एवं अंग्रेजों द्वारा निर्मित एकमात्र राजपूत रियासत कौन सी है 
 - झालावाड़

✔ किस बूंदी नरेश में सर्व प्रथम मुगल बादशाह अकबर की अधीनता स्वीकार की - राव सुरजन हाडा द्वारा 1569 ईसवी में

✔ कोटा का प्रथम नरेश जिसे महाराव एवं माही मरातिब की उपाधि एवं 5000 का मनसबदार बनाया गया - मुगल बादशाह फर्रूखसियर द्वारा कोटा महाराव भीमसिंह हाडा को

✔ बूंदी नरेश जिसके साथ कोटा दीवान झाला जालिम सिंह  ने अपनी पुत्री अजब कुंवर की शादी की - राव बिशन सिंह हाडा

✔ किस बूंदी नरेश ने अपना अंतिम समय काशी में बिताया एवं द्वारिकापुरी में( रणछोड़ जी का मंदिर )बनवाया - राव सुरजन हाडा

✔ कौन सा बूंदी नरेश औरंगजेब से सामु गढ़  युद्ध 1658 ईसवी मैं लड़ता हुआ मारा गया- शत्रुसाल हाडा

✔ किस कर दी नरेश ने 84 खंभों की छतरी का निर्माण कब एवं किसकी स्मृति में करवाया- राव राजा अनिरुद्ध हाडा द्वारा अपने धाभाई (दूध भाई धाई मां का पुत्र  ) देवा की स्मृति में- 1683 ईसवी में

✔ बूंदी की प्रसिद्ध (रानी जी की बावड़ी) का निर्माण किसने करवाया - बूंदी नरेश राव राजा अनिरुद्ध सिंह हाडा की रानी (नाथावती  द्वारा 1699 ईसवी में) 

✔ हाडा चौहान प्रारंभ में किस रियासत के अधीन सामंत थे - मेवाड़ रियासत

✔ किस बूंदी नरेश ने 1264 ईस्वी में कोट्या भील को परास्त करके कोटा पर अधिकार कर उसे राजधानी बनाया-  जेत्र सिंह हाडा

✔ राजपूताने का एकमात्र नरेश जिसे अकबर ने अपनी अधिनंता में लेने के बाद भी " तव्वारा" बजाने की अनुमति प्रदान की -बूंदी नरेश राव सुरजन सिंह हाडा

✔ कर्नल जेम्स टॉड ने  किस बूंदी नरेश के व्यवहार को राजपूतों की अस्थिरता का परमाण बोला - राव विष्णु (बिशन) सिंह

✔ कवी  चंद्रशेखर किसका दरबारी आश्रित कवि था - बूंदी नरेश राव सुरजन हाडा का

✔ तारागढ़ बूंदी का छद्म अभियान किसने किया था- मेवाड़ महाराणा लाखा ने

✔ किस मुगल सम्राट ने बूंदी को कोटा में मिलाकर उसका नाम फर्रुखाबाद कर दिया -फर्रूखसियर

✔ किस नरेश ने अपने जीवन काल में ही अपनी स्वर्ण प्रतिमा बनवा कर उसका दाह संस्कार करवा दिया था - राव उमेद सिंह ने

✔ कौन सा बूंदी नरेश बूंदी स्थित जेत सागर  मैं गणगौर प्रतिमा विसर्जन के दौरान अपनी रानियों सहित  डूब कर मर गया- जोधसिंह हाडा 1706 ईस्वी

✔ कोटा नरेश जो युद्ध स्थल में अपने हाथी के हौदे मे  अपने सम्मुख  अपने इष्ट देव की प्रतिमा रखता था - महाराव भीमसिंह प्रथम

✔ कौन सा बूंदी नरेश "श्रीजी" नाम से प्रसिद्ध था-  महाराव उम्मेद सिंह

✔ कोटा का ,डी ,कोट नरेश एवं कोटा का दुर्गादास राठौड़ किसे बोला गया है - कोटा दीवान झाला जालिम सिंह को

✔ किस कोटा नरेश ने कोटा एवं शेरगढ़ का नाम- नंद ग्राम एवं बरसाना रख दिया - महाराव भीमसिंह हाडा 

✔ कौन सा झालावाड़ नरेश ,सुधारक, उपनाम से कविता लिखता था- राजेंद्र सिंह जाला

✔ किस राजपूत रियासत को महारानी विक्टोरिया ने समाप्त कर दी थी - झालावाड़ रियासत के नरेश झाला जालिम सिंह द्वितीय ने  अपने यहां उत्सव का आयोजन नहीं किया था फल स्वरूप ब्रिटिश  रियासत ने  कुछ समय के लिए झालावाड़ राज्य समाप्त कर दिया था

✔ किस कोटा नरेश के  काल में राजकीय आदेशों पर जय "गोपाल" लिखा जाने लगा -महाराव भीमसिंह हाडा

👉 ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी से संधि
   ➡ कोटा - महाराव उम्मेद सिंह के काल में( 26 दिसंबर 1817 को) 
   ➡ बूंदी -राव विष्णु सिंह के काल में (10 फरवरी 1818 को) 
   ➡ झालावाड़ -1838 ईस्वी में झालावाड़ रियासत अस्तित्व में आई

👉 1857 का विद्रोह
   ➡ बूंदी - समकालीन नरेश महाराव राम सिंह
   ➡ कोटा-  समकालीन नरेश महाराव राम सिंह  द्वितीय
   ➡ झालावाड़- समकालीन नरेश पृथ्वी सिंह झाला

👉 प्रजामंडल
   ➡ बूंदी - नवंबर 1931 में (कांति चंद्र द्वारा स्थापना) 
   ➡ कोटा - 1939 -(पंडित नयनुराम शर्मा एवं अभिन्न हरि द्वारा स्थापना) 
   ➡ झालावाड़ - 25 नवंबर 1946 को (मांगीलाल भव्य ,कन्हैयालाल मित्तल एवं मकबूल आलम द्वारा स्थापना

👉 एकीकरण के दौरान राजस्थान का विलय
   ➡ कोटा - द्वितीय चरण राजस्थान संघ में 25 मार्च 1948 को (महाराव भीमसिंह द्वारा) 
   ➡ बूंदी - द्वितीय चरण राजस्थान संग में 25 मार्च 1948 को (राव बहादुर सिंह द्वाराा) 
   ➡ झालावाड़ - द्वितीय चरण राजस्थान संघ में 25 मार्च 1948 ईस्वी को (नरेश हरिश्चंद्र द्वारा) 
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