हवेलियाँ


हवेलियाँ

  • 17-18वीं सदी (सेठ-साहूकार द्वारा निर्मित)
  • आकर्षक जाली-झरोखे वाले भवनों का निर्माण।
  • 1000 हवेलियों का शहर (बीकानेर)
  • हवेलियों का प्रसिद्ध क्षेत्र – शेखावाटी
  • भित्ति चित्रों के लिए शेखावाटी की हवेलियाँ प्रसिद्ध।
  • राजस्थान में सर्वाधिक हवेलियों का निर्माण 17-18वीं सदी में सेठ-साहूकारों द्वारा करवाया गया।
  • हवेलियों के प्रवेश द्वार पर निर्मित चबूतरे-गवाक्ष
  • हवेलियों के प्रवेश द्वार के बीच का भाग-पोळ/पोल
  • पोल के पीछे का भाग चौक कहलाता है।
  • हवेलियों में चौक के पास निर्मित कमरे लिबास कहलाते हैं।

पटवों की हवेली – जैसलमेर
निर्माण – 18वीं सदी में गुमानचंद बाफना।

  • यह कुल पाँच मंजिला हवेली
  • यह पीले पत्थरों से निर्मित।
  • यह विश्व की सबसे आकर्षक कलाकृति की हवेली है।
  • सिंध + यहुदी + राजपूत (हिंदू) + मुगल शैली का मिश्रण।

सालिम सिंह की हवेली - जैसलमेर
निर्माण – 1815 ई.

  • यह जैसलमेर के प्रधानमंत्री सालिम सिंह द्वारा बनवाई गई है।
  • यह नौखण्डी हवेली कहलाती है।
  • उपनाम – रूप महल, कमल महल
  • यह जैसलमेर की सबसे ऊँची ईमारत है।
  • वर्तमान में यह 7 मंजिला हवेली है।
  • वर्तमान में 7वीं मंजिल को मोती महल/जहाज महल कहलाता है।
  • 8वीं व 9वीं मंजिल जिन्हें क्रमश: रंगमहल व शिशमहल कहा जाता है लकड़ी से निर्मित होने के कारण हटा दी गई।

नथमल की हवेली – जैसलमेर

  • निर्माण – 1881-85 के मध्य
  • इसका निर्माण लालु व हाथी नामक दो भाईयों द्वारा करवाया गया था।
  • हवेली के बाहर लव-कुश नामक हाथी स्थित
  • विश्व की एकमात्र ऐसी हवेली जिस पर किसी कलाकृति का दोहराव नहीं है।
  • दीवान आचार्य ईसरलाल जी हवेली – जैसलमेर
  • सोढा हवेली – जैसलमेर

बागोर हवेली, उदयपुर –

  • निर्माण – अमरचंद बड़वा
  • उपनाम –
  • मनोरंजनियों हवेली
  • साकरा हवेली
  • विश्व की सबसे बड़ी पगड़ी इसी हवेली में स्थित है।
  • 1986 ई. में इस हवेली में पश्चिमी सांस्कृतिक केन्द्र की स्थापना की गई।

मालजी का कमरा – चूरू

  • निर्माण – मालचंद कोठारी
  • 1000 खिड़कियों का कमरा है।
  • यह नीमाड़ी धोरा पर स्थित भवन है।
  • यहाँ वर्तमान में होटल संचालित किया जा रहा है।
  • सुराणों की हवेली – चूरू
  • 1000 खिड़कियों की हवेली
  • मोटा मंत्रियों की हवेली – चूरू
  • रामविलास गोयनका हवेली – चूरू
  • दानचंद चौपड़ा हवेली – सुजानगढ़ – चूरू

मण्डावा – झुंझुनूँ

  • मण्डावा हवेली
  • रामनाथ गोयनका की हवेली
  • रामदेव चौरावणी हवेली
  • क्षत्रा हवेली
  • सागरमल लड़िया हवेली

बिसाऊ – झुंझुनूँ

  • पोद्दार हवेली
  • जयदयाल केड़िया हवेली
  • सीताराम सिगलिया हवेली
  • हनुमान तकड़िया हवेली

नोट – ईश्वरदास मोदी हवेली झुंझुनूँ में स्थित है।

  • टीबड़े वाला हवेली – नवलगढ़ – झुंझुनूँ
  • पौद्दारों की हवेली – नवलगढ़ – झुंझुनूँ
  • पंसारी हवेली – लक्ष्मणगढ़ – सीकर
  • खेमका हवेली – रामगढ़ – सीकर
  • रूईया हवेली – रामगढ़ – सीकर
  • राठी हवेली – लक्ष्मणगढ़ – सीकर
  • नई हवेली – लक्ष्मणगढ़ – सीकर
  • रानीड़ा हवेली – सीकर
  • राखी हवेली – जोधपुर
  • पाल हवेली – जोधपुर
  • पच्चीसा हवेली – जोधपुर
  • रामपुरिया हवेली – बीकानेर
  • डागा हवेली – बीकानेर

पुष्यहवेली – जोधपुर

  • निर्माण – रघुनाथमल जोशो/भूरजी जोशी
  • यह विश्व की एकमात्र ऐसी हवेली है, जिसका निर्माण एक ही नक्षत्र में हुआ है।
  • बच्छावतों की हवेली – बीकानेर में स्थित है।
  • मेहता हवेली – बीकानेर
  • सलुंबर ठिकाना हवेली – चित्तौड़गढ़
  • जयमल फत्ता हवेली – चित्तौड़गढ़
  • लालचंद टड्‌डा हवेली – फलौदी- जोधपुर
  • अमरचंद कोचर हवेली – फलौदी – जोधपुर
  • सांगीदास थानवी हवेली – जोधपुर
  • पोकरण हवेली - जोधपुर