प्रायद्वीपीय नदियाँ
- प्राचीनतम नदियाँ प्रौढावस्था में चौड़ी तथा कम गहरी घाटियों का निर्माण पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ अरब सागर में गिरती है। ज्वारनदमुख का निर्माण करती है।
- पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ बंगाल की खाड़ी में गिरती है। डेल्टा बनाती है।
- छोटा नागपुर पठार से तीन नदियाँ निकलती है।
- दामोदर नदी
दामोदर नदी एक भ्रंश घाटी से बहती हैं। दामोदर नदी घाटी को भारत रूहर घाटी भी कहते हैं। - स्वर्ण रेखा नदी
- ब्राह्यमणी नदी
- दामोदर घाटी परियोजना स्वतंत्र भारत की पहली परियोजना है (1948) नेहरू जी द्वारा भारत की नदी घाटी परियोजनाओं को आधुनिक भारत का मन्दिर, मस्जिद, गुरुद्वारा कहा गया।
- दामोदर नदी हुगली नदी की सहायक है जबकि हुगली नदी गंगा नदी को वितरिका हैं।
स्वर्ण रेखा नदी
- छोटा नागपुर पठार से निकलती हैं।
- इस नदी में स्वर्ण के प्लेसर भण्डार, पाएँ जाते है।
- स्वर्ण रेखा नदी पर झारखंड में हुण्डरू जलप्रपात स्थित है।
- जमशेदपुर इस्पात उद्योग झारखण्ड में स्वर्ण रेखा नदी पर स्थित है।
- दामोदर नदी तथा स्वर्ण रेखा नदी अत्यंत रसायनिक प्रदूषण के कारण जैविक मरुस्थल कहलाती हैं।
- मयूराक्षी नदी →पश्चिम बंगाल में मयूर बाँध स्थित है।
- मचकुण्ड नदी → ओडिशा में डुडुमा जल प्रपात है।
- वैतरणी नदी → ओडिशा के क्योझर जिले से निकलती है।
- ब्राह्मणी नदी → छोटा नागपुर पठार से निकलती है तथा ओडिशा के तट पर बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं।
- राउरकेला इस्पात उद्योग → ओडिशा → जर्मनी
- भिलाई इस्पात उद्योग → छत्तीसगढ़ → रूस
- दुर्गापुर इस्पात उद्योग → पं. बंगाल → ब्रिटेन
- बोकारो इस्पात उधोग → झारखंड → रूस


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