INDIAN HISTORY QUESTION 5

Q1.

निम्नलिखित में से बाबर की विजयों का कौन-सा एक क्रम सही है?

Aपानीपत, चन्देरी, घाघरा और खानवा

Bपानीपत, घाघरा, खानवा और चन्देरी

Cघाघरा, पानीपत, खानवा और चन्देरी

CORRECT ANSWER

check_circleपानीपत, खानवा, चन्देरी, और घाघरा

EXPLANATION

- बाबर की विजयों का सही क्रम -
- पानीपत 1526 ई.
- खानवा 1527 ई.
- चन्देरी 1528 ई.
- घाघरा 1529 ई.

Q2.

निम्नलिखित को सुमेलित किजिए-

A

बाबर

i

जामा मस्जिद(संभल)

B

हुमायूँ

ii

दीन पनाह नगर

C

शाहजहाँ

iii

मोती मस्जिद

D

औरंगजेब

iv

जामा मस्जिद(दिल्ली)

 

AA-(i), B-(iii), C-(ii), D-(iv)

BA-(i), B-(ii), C-(iv), D-(iii)

CORRECT ANSWER

check_circleA-(i), B-(ii), C-(iv), D-(iii)

DA-(iv),B-(iii),C-(ii), D-(i)

EXPLANATION

- बाबर- जामा मस्जिद संभल (UP)
- हुमायूँ- दीन पनाह (दिल्ली)
- शाहजहाँ- जामा मस्जिद (दिल्ली)
- औरंगजेब- मोती मस्जिद

Q3.

भास्कराचार्य की कृति ‘लीलावती’ का फारसी में अनुवाद किसने किया था?

CORRECT ANSWER

check_circleफैज़ी

Bदारा शिकोह

Cअबुल फज़ल

Dअलबरूनी

EXPLANATION

- भास्काराचार्य की कृति लीलावती का फारसी में अनुवाद अकबर के शासन काल में ‘फैजी’ ने किया था।
- लीलावती (गणित) संस्कृत भाषा का ग्रंथ है।

Q4.

मकबरे की स्थापत्य कला में चार-बाग व्यवस्था का प्रयोग भारत में किसके मकबरें में सर्वप्रथम मिलता है-

Aग्यासुद्दीन खिलजी

CORRECT ANSWER

check_circleहुमायूँ

Cसिकन्दर लोदी

Dशेरशाह सूरी

EXPLANATION

- भारत में हुमायूँ के मकबरे में चार-बाग व्यवस्था का प्रयोग किया गया।
- इसका निर्माण दिल्ली में अकबर की सौतेली माँ हाजी बेगम के द्वारा करवाया गया।
- इस मकबरे में दोहरे गुबन्द का प्रयोग किया गया।

Q5.

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए-

A

गुलबदन बेगम

i

तारीख-ए- शेरशाही

B

मोतमिंद खान

ii

हुमायूँनामा

C

अबुल फजल

iii

आइने-ए-अकबरी

D

अब्बास खाँ सरवानी

iv

इकबालनामा-ए-जहाँगीरी


 

AA-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv)

BA-(i), B-(iii), C-(ii), D-(iv)

CA-(iii), B-(iv), C-(i), D-(ii)

CORRECT ANSWER

check_circleA-(ii), B-(iv), C-(iii), D-(i)

EXPLANATION

- गुलबदन बेगन- हुमाँयूनामा
- मोतमिंद खान – इकबालनामा-ए-जहाँगीरी
- अबुल फजल – आइने-ए-अकबरी
- अब्बास खाँ सरवानी- तारीख-ए-शेरशाही

Q6.

अबुल फजल की हत्या किसके द्वारा की गई?

Aजयसिंह ने

Bहेमू ने

Cराणा अमर सिंह ने

CORRECT ANSWER

check_circleवीरसिंह देव बुल्देला ने

EXPLANATION

- अबुल फजल की हत्या सन् 1602 में वीरसिंह देव बुल्देला द्वारा की गई।
- अबुल फजल अकबर के नौं रत्नों में से एक था।
- इसने बाबरनामा का (तुर्की) फारसी में अनुवाद किया।

Q7.

निम्न में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

CORRECT ANSWER

check_circleअब्दुल क़ादिर बदायूंनी – खजाईन-उल-फतूह

Bजियाउद्दीन बरनी- तारीख-ए-फिरोजशाही

Cगुलबदन बेगम- हुमायूँनामा

Dख्वान्द मीर- कानून-ए-हुमायूँनी

EXPLANATION

- खजाईन-उल-फतूह के रचयिता अमीर खुसरो थे।
- अब्दुल क़ादिर बदायूंनी ने मुंतख़ाब उल तवारीख की रचना की थी। इसे तारीख़े बदायूंनी कहा जाता है इसमें मुस्लिम भारत का इतिहास व धार्मिक, चिकित्सकों, कवियों और विद्वानों पर प्रकाश डाला गया।
- इस पुस्तक में अकबर के धार्मिक नियमों की आलोचना की गई।

Q8.

रुपया नामक चाँदी का सिक्का सबसे पहले किसने चलाया था?

CORRECT ANSWER

check_circleशेरशाह

Bअकबर

Cबाबर

Dहुमायूँ

EXPLANATION

- भारत में रुपया शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम शेरशाह सूरी द्वारा किया गया।
- शेरशाह सूरी अपने शासन काल में चाँदी का सिक्का (रुपया) चलाया था। जिसका वजन 178 ग्रेन का था।
- शेरशाह के ताँबे के सिक्कें को दाम और सोने के सिक्के को मोहर कहा जाता था।

Q9.

खानवा के युद्ध में तोपखाने का संचालक कौन-था?

Aमुस्तफा जमाल

Bमुस्तफा कैफ

Cमुस्तफा कमला

CORRECT ANSWER

check_circleमुस्तफा रूमी

EXPLANATION

- खानवा का युद्ध 17 मार्च, 1527 में बाबर और राणा सांगा के मध्य हुआ।
- बाबर इस युद्ध में विजयी रहा।
- बाबर का इस युद्ध में विजयी रहने का प्रमुख कारण (भारत में) पहली बार तोपखाने का प्रयोग करना था, जिसका प्रमुख मुस्तफा रूमी था।

Q10.

मुन्तखब-उल-तवारीख के लेखक कौन-थे?

Aफरिश्ता

Bबर्नी

Cअफीक

CORRECT ANSWER

check_circleबदायूँनी

EXPLANATION

- मुन्तखब-उल-तवारीख के लेखक अब्दुल कादिर बदायूँनी थे।
- इस ग्रंथ को तीन भागों में बाँटा गया हैं-
- इसके पहले भाग में दिल्ली के सुल्तानों व बाबर और हुमायूँ के शासन का वर्णन है।
- दूसरे भाग में सन् 1595 तक अकबर के शासन काल का वर्णन है।
- अंतिम व तीसरे भाग में मुस्लमानों व संतों का वर्णन है।

Q11.

मध्यकाल में सफेद संगमरमर का पहली बार प्रयोग किसके निर्माण में हुआ?

Aबीबी का मकबरा

CORRECT ANSWER

check_circleएत्मादुद्दौला का मकबरा

Cमोहम्मद आदिल शाह का मकबरा

Dशेरशाह का मकबरा

EXPLANATION

- ‘एत्मादुद्दौला’ नुरजहाँ बेगम के पिता थे, और एत्मादुद्दौला के मकबरें का निर्माण आगरा में सन् 1626 में नूरजहाँ बेगम के द्वारा करवाया गया।
- यह पहली मुगल ईमारत है, जो पूर्ण रूप से सफेद संगमरमर से निर्मित है।
- इस मकबरें में पित्रादुरा शैली का प्रयोग किया गया है।

Q12.

रैयतवाड़ी प्रथा किसने लागू की थी?

Aलॉर्ड कॉर्नवालिस

Bशिवाजी

CORRECT ANSWER

check_circleशेरशाह

Dअकबर

EXPLANATION

- शेरशाह सूरी ने जमींदारी व्यवस्था को समाप्त करके रैयतवाड़ी प्रथा लागू की।
- रैयतवाड़ी प्रथा के अन्तर्गत राज्य का किसानों के साथ सीधा संपर्क होता है। और इसके अन्तर्गत राजस्व-अधिकारियों के द्वारा ही किसानों से भूमि-कर वसूल किया जाता था।

Q13.

‘आइने अकबरी’ का लेखक कौन था?

CORRECT ANSWER

check_circleअबुल फजल

Bफैजी

Cअब्दुल कादिर

Dटोडरमल

EXPLANATION

- अबुल फजल द्वारा फारसी भाषा में दो पुस्तकों की रचना की गई - अकबरनामा व आइने अकबरी।
- आइने अकबरी अकबरनामा का ही एक भाग है। अकबरनामा तीन भागों में विभाजित हैं, जिसमें से तीसरे भाग को आइने अकबरी कहा जाता है।
- यह ग्रंथ अकबर के समय के राजनीतिक व आर्थिक, सामाजिक स्थिति पर प्रकाश डालता है।

Q14.

तानसेन के गुरु कौन-थे?

Aमोहम्मद

Bलाल कुलवन्त

Cमियाँलाल

CORRECT ANSWER

check_circleस्वामी हरिदास

EXPLANATION

- तानसेन के गुरु का नाम स्वामी हरिदास था।
- तानसेन मूल रूप से ग्वालियर के निवासी थे।
- तानसेन अकबर के नौं रत्नों में से एक थे।
- अकबर ने तानसेन को ‘कंठाभरण व वाणी विलास’ की उपाधि दी गई।

Q15.

किस किले पर कब्जा करते हुए शेरशाह की मृत्यु हुई?

Aबीकानेर

Bआम्बेर

CORRECT ANSWER

check_circleकालिन्जर

Dरणथम्भौर

EXPLANATION

- शेरशाह के मृत्यु मई, 1545 में कालिन्जर (उत्तर प्रदेश) अभियान के दौरान बारूद में विस्फोट हो जाने के कारण हुई।
- शेरशाह के बाद इसका पुत्र इस्लाम शाह सिंहासन पर बैठा।
- शेरशाह का मकबरा सासाराम (बिहार) में स्थित है।

Q16.

ताजमहल का शिल्पी था-

Aजगन्नाथ

Bनुसरत

CORRECT ANSWER

check_circleअहमद लाहौरी

Dजगदीश

EXPLANATION

- शाहजहाँ द्वारा ताजमहल का निर्माण आगरा में अपनी पत्नी मुमताज बेगम की स्मृति में करवाया था।
- इसके निर्माण में कुल 22 वर्ष (1631-53 ई.) लगे।
- इसका डिजाइन (शिल्पी) अहमद लाहौरी था।

Q17.

निम्नलिखित में से कौन-सा एक भवन फतेहपुर सीकरी में स्थित नहीं है-

Aअनूप तालाब

CORRECT ANSWER

check_circleबीबी का मकबरा

Cबुलन्द दरवाजा

Dपंच महल

EXPLANATION

- बीबी के मकबरें का निर्माण औरंगजेब ने सन् 1669 में औरंगाबाद में अपनी पत्नी रबिया-उद की स्मृति में बनाया।
- यह ताजमहल के डिजाइन में पर बनाया गया है। इसलिए इसे भारत का दूसरा ताजमहल व दक्षिण का ताजमहल के नाम से भी जाना जाता है।

Q18.

मुगलकाल में मनसबदारी व्यवस्था को प्रारंभ करने का श्रेय किसको दिया जाता है?

Aबाबर

Bहुमायूँ

CORRECT ANSWER

check_circleअकबर

Dजहाँगीर

EXPLANATION

- मनसबदारी प्रथा अकबर के द्वारा 1567 ई. में लागू की गई।
- अकबर के द्वारा गठित की गई सैन्य व्यवस्था को ही मनसबदारी प्रथा के नाम से ही जाना जाता है।
- कुछ इतिहासकारों का मानना है, की मनसबदारी प्रथा मंगोल सैन्य व्यवस्था पर आधारित थी।
- मनसब से अभिप्राय किसी पद से नहीं होता था अपितु मनसब का अर्थ श्रेणी (रैंक) होता था।

Q19.

महाभारत का फारसी में अनुवाद किसने किया था?

CORRECT ANSWER

check_circleअब्दुल कादिर बदायूँनी

Bअमीर खुसरो

Cमलिक मोहम्मद जायसी

Dउपर्युक्त में से कोई नहीं

EXPLANATION

- वेदव्यास द्वारा लिखित महाभारत का संस्कृत से फारसी में अनुवाद अब्दुल कादिर बदायूँनी ने किया तथा इसका नाम रज्मनामा रखा।
- रज्मनामा का अर्थ होता है - युद्धों की पुस्तक।

Q20.

मुगल शासकों में सबसे पहले साम्राज्य को प्रान्तों में किसने बाँटा था?

Aहुमायूँ

Bबाबर

Cजहाँगीर

CORRECT ANSWER

check_circleअकबर

EXPLANATION

- मुगल काल में प्रान्त को सूबा कहा जाता था।
- मुगल काल में सर्वप्रथम प्रान्तीय शासन व्यवस्था का गठन 1580 ई. में अकबर के द्वारा किया गया तथा मुगल साम्राज्य को कुल 12 प्रान्तों में विभाजित किया।
- अकबर के शासनकाल में प्रान्तों की संख्या 15 हो गई थी।

Q21.

अकबर के द्वारा किस चित्रकार को शीरी कलम की उपाधि दी गई?

Aबसावन

Bदसवन्त

CORRECT ANSWER

check_circleअब्दुस्समद

Dमीर सैय्यद अली

EXPLANATION

- अकबर के द्वारा अब्दुस्समद को ‘शीरी कलम’ की उपाधि दी गई।
- मुगलकाल में चित्रकला का सबसे ज्यादा विकास जहाँगीर के समय में हुआ, इसलिए जहाँगीर के काल को मुगल चित्रकला का स्वर्ण काल माना जाता है।

Q22.

जहाँगीर के दरबार में ब्रिटिश शासक जेम्स प्रथम का राजदूत कौन था-

Aविलियम फिन्च

CORRECT ANSWER

check_circleविलियम हॉकिन्स

Cएडवर्ड टैरी

Dपीद्रा डेला वेला

EXPLANATION

- विलियम हॉकिन्स (जेम्स प्रथम के राजदूत के रूप में) जहाँगीर के आगरा दरबार में 1608 ई. में उपस्थित हुआ।
- 1608 ई. में हॉकिन्स हैक्टर नामक व्यापारिक जहाज से भारत आया था।
- हॉकिन्स ने जहाँगीर से आगरा के किले में तुर्की भाषा में मुलाकात की जिससे जहाँगीर बहुत प्रभावित हुआ तथा हॉकिन्स को खान की उपाधि व 400 का मनसब दिया।
- हॉकिन्स ने व्यापारिक अनुमति प्राप्त करने की कोशिश की लेकिन असफल रहा।

Q23.

एत्मादुद्दौला का मकबरा बनवाया था-

CORRECT ANSWER

check_circleनूरजहाँ ने

Bजहाँगीर ने

Cऔरंगजेब ने

Dहुमायूँ ने

EXPLANATION

- ‘एत्मादुद्दौला’ नुरजहाँ बेगम के पिता थे और एत्मादुद्दौला के मकबरें का निर्माण आगरा में सन् 1626 में नूरजहाँ बेगम के द्वारा करवाया गया।
- यह पहली मुगल ईमारत है, जो पूर्ण रूप से सफेद संगमरमर से निर्मित है।
- इस मकबरें में पित्रादुरा शैली का प्रयोग किया गया है।

Q24.

किस मुगल सम्राट ने प्रसिद्ध तख्त-ए-ताउस (मयूर सिंहासन) बनवाया था?

CORRECT ANSWER

check_circleशाहजहाँ

Bबाबर

Cअकबर

Dजहाँगीर

EXPLANATION

- तख्त-ए-ताउस शाहजहाँ द्वारा निर्मित करवाया गया।
- इसका शिल्पकार बादल खाँ था।
- इसमें शाहजहाँ के द्वारा कोहिनूर हीरा को लगवाया था।

Q25.

किस मुगलशासक ने अपने शासनकाल में राजपूत एवं मराठा मनसबदारों की संख्या में अधिक वृद्धि की थी?

Aअकबर

CORRECT ANSWER

check_circleऔरंगजेब

Cशाहजहाँ

Dजहाँगीर

EXPLANATION

- औरंगजेब के शासन काल में राजपूत एवं मराठा मनसबदारों की संख्या सर्वाधिक थी।
- मनबस का पद आनुवांशिक नहीं होता था मृत्यु होने पर यह पद अपने आप समाप्त हो जाता था।
- औरंगजेब के समय में मनसबदारों की संख्या सबसे अधिक थी, अत: उन्हें देने के लिए जागीरें नहीं बची, अत: इस काल को बेजागीरी या जागीरदारी संकट कहा जाता है।
- औरंगजेब के समय हिन्दु मनसबदारों की संख्या सर्वाधिक थी।

Q26.

औरंगजेब ने हिन्दुओं पर जजिया व तीर्थयात्रा कर कब लगाया था?

A1678 ई.

CORRECT ANSWER

check_circle1679 ई.

C1663 ई.

D1669 ई.

EXPLANATION

- औरंगजेब ने 1679 ई. में हिन्दुओं पर जजिया व तीर्थयात्रा कर लगाया।
- मेवाड़ के शासक राजसिंह ने राजपूतों के साथ मिलकर जजिया कर का विरोध किया।
- औरंगजेब की धार्मिक नीति का उद्देश्य भारत को दार-अल-हर्ब के स्थान पर दार-उल-इस्लाम बनाना चाहता था, इस नीति के कारण मुगलों का पतन हुआ।

Q27.

अकबर के द्वारा दहसाला प्रथा कब लागू की गई?

CORRECT ANSWER

check_circle1580 ई.

B1583 ई.

C1585 ई.

D1575 ई.

EXPLANATION

- मुगलकाल में सर्वप्रथम भू-राजस्व व्यवस्था का पूर्नगठन अकबर के द्वारा किया गया।
- भू-राजस्व व्यवस्था में अकबर के द्वारा जो भी सुधार किए गए] उनमें सबसे प्रमुख दहसाला प्रथा (आइन-ए-दहसाला) को माना जाता है।
- अकबर द्वारा दहसाला प्रथा 1580 ई. में लागू की गई।

Q28.

टोडरमल की भू-राजस्व व्यवस्था में कौन-सी भूमि कभी भी खाली नहीं रहती थी?

Aबंजर

Bपरौती

CORRECT ANSWER

check_circleपोलज

Dचच्चर

EXPLANATION

- अकबर के द्वारा कृषि भूमि को चार भागों में विभाजित किया गया था जो बंजर, परौती, पोलज व चच्चर।
- पोलज उस भूमि को कहा जाता था, जिस पर किसान के द्वारा नियमित रूप से खेती की जाती थी।
- परौती उस भूमि को कहा जाता था, जिसे किसान के द्वारा केवल एक वर्ष के लिए बिना जोते छोड़ दिया जाता था।
- चच्चर भूमि को लगातार तीन वर्षों तक बिना जोते छोड़ दिया जाता था।
- बंजर भूमि को लगातार पाँच वर्ष या अधिक बिना जोते छोड़ दिया जाता था।

Q29.

निम्नलिखित में से किसने अपनी रचना प्रमुखत: शेरशाह सूरी पर केन्द्रित की थी?

CORRECT ANSWER

check_circleअब्बास खान सरवानी

Bअब्दुल हमीद लाहौरी

Cयाह्ना सरहिन्दी

Dमुहम्मद कासिम फरिश्ता

EXPLANATION

- शेरशाह के शासन काल के बारे में जानकारी प्राप्त करने का सबसे प्रमुख फारसी ग्रंथ तारीख-ए-शेरशाही को माना जाता है।
- जिसकी रचना अब्बास खान सरवानी द्वारा की गई।
- शेरशाह का शासन काल मुख्य रूप से उसके प्रशासनिक सुधारों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

Q30.

किस स्मारक को हिन्दु-मुस्लिम शैली का भारतीय रुपान्तरण कहा गया है-

Aमोती मस्जिद

CORRECT ANSWER

check_circleहुमायूँ का मकबरा

Cताजमहल

Dअकबर का मकबरा

EXPLANATION

- अकबर के समय में हिन्दु-मुस्लिम शैली पर निर्मित पहली ईमारत हुमायूँ का मकबरा माना जाता है।
- इसका निर्माण दिल्ली में अकबर की सौतेली माँ हाजी बेगम के द्वारा निर्मित करवाया गया।
- इस मकबरें का शिल्पकार मीरकमिर्जा ग्यास था।

Q31.

मुगलों की मनसबदारी व्यवस्था में ‘दु:अस्पा’ व ‘सिंह अस्पा’ व्यवस्था किस मुगल बादशाह ने लागू की?

Aअकबर

Bशाहजहाँ

Cऔरंगजेब

CORRECT ANSWER

check_circleजहाँगीर

EXPLANATION

- दु:अस्पा व सिंह अस्पा का नया नियम मनसबदारी प्रथा में जहाँगीर के समय लागू किया गया।
- दु:अस्पा-सिंह अस्पा मनसबदार की सवार रैंक में जोड़ा जाता था।

Q32.

मुगलकाल में ‘आइन-ए-दहसाला’ प्रणाली किसने आरंभ की थी?

Aजहाँगीर

Bबाबर

Cहुमायूँ

CORRECT ANSWER

check_circleअकबर

EXPLANATION

अकबर द्वारा ‘आइन-ए-दहसाला’ प्रणाली 1580 ई. में लागू कि गई थी।दहसाला प्रणाली के अन्तर्गत पिछले दस वर्षों के भूमि के करों की दर मालूम की गई और उनकी औसत दर मालूम करके इस औसत दर को ही भविष्य में भूमि कर के रूप में लागू कर दिया गया था।

Q33.

मुगलकाल में प्रांतीय प्रशासक जो राजनैतिक तथा सैनिक दोनों प्रकार के कार्योँ का निर्वाह करते थे, क्या कहलाते थे?

Aदीवान

Bआमलगुजार

CORRECT ANSWER

check_circleसूबेदार

Dआमिल

EXPLANATION

सूबेदार प्रांत का अध्यक्ष होता था, और उसका मुख्य कार्य अपने प्रांत के अन्तर्गत राजनैतिक व सैनिक व्यवस्था बनाये रखना था।
सूबेदार को नाजिम व सिपसालार भी कहा जाता था।जबकि दिवान प्रांत के वित्ति विभाग का अध्यक्ष होता था।

Q34.

मुगलकाल में सरकार (जिलों) में महत्वपूर्ण अधिकारी कौन होते थे?

Aसूबेदार

Bशिकदार

CORRECT ANSWER

check_circleफौजदार

Dउपर्युक्त सभी

EXPLANATION

अकबर के द्वारा प्रत्येक प्रांत को कुछ सरकारों (जिलों) में बाँटा गया था। और प्रत्येक सरकार या जिलें में दो अधिकारी नियुक्त किये जाते थे।
फौजदार – यह सरकार(जिलों) का अध्यक्ष होता था।
अमलगुजार- यह राजस्व विभाग का अध्यक्ष होता था।

Q35.

दीन-ए-इलाही का प्रधान पुरोहित कौन था?

Aबीरबल

CORRECT ANSWER

check_circleअबुल फजल

Cमानसिंह

Dफौजी

EXPLANATION

दीन-ए-इलाही की स्थापना 1582 ई. में की गई।
दीन-ए-इलाही को तौहिद-ए-इलाही भी कहा जाता है।
दीन-ए-इलाही में 18 सदस्य प्रथम श्रेणी के थे।
दीन-ए-इलाही का प्रधान पुरोहित अबूल फजल थे।

Q36.

अकबर ने जैन धर्म के आचार्य “हरिविजय सूरी” को कौन-सी उपाधि दी थी?

CORRECT ANSWER

check_circleजगतगुरु

Bजगतनरेश

Cयुग प्रधान

Dयुग पुरुष

EXPLANATION

36. अकबर ने इबादत खाने की स्थापना 1575ई. में फतेहपुर सीकरी में की था।
इबादत खाने का मुख्य उद्देश्य विभिन्न धर्मो की जानकारी प्राप्त करना था। जिसमें अकबर नें अलग अलग धर्मों के 5 विद्ववानों को आमंत्रित किया। जिसमें अकबर सर्वाधिक जैन धर्म के आर्चाय हरिविजय सुरी से प्रभावित हुए एवं इन्हे जगतगुरु की उपाधि दी।