संविधान का निर्माण
- 24 मार्च, 1946 को गठित कैबिनेट योजना के अनुसार भारत में संविधान सभा का गठन हुआ। इसमें (i) लॉर्ड पैथिक लॉरेन्स (ii) सर स्टेफर्ड क्रिप्स (iii) ए.वी. अलेक्जेंडर सदस्य थे।
- कैबिनेट मिशन के अनुसार भारत का संविधान बनाने हेतु अप्रत्यक्ष निर्वाचन के आधार पर 389 सदस्य होंगे इसमें से 292 ब्रिटिश प्रान्तों से, 93 देशी रियासतों से और 4 चीफ कमिश्नर क्षेत्रों (दिल्ली, अजमेर-मेरवाड़ा, कुर्ग, बलूचिस्तान) के प्रतिनिधि होंगे।
- लगभग 10 लाख व्यक्तियों पर संविधान सभा में 1 सदस्य होगा।
- संविधान सभा में राजस्थान के 12 सदस्य थे।
- संविधान सभा में अनुसूचित जाति के सदस्यों की संख्या 26 तथा अनुसूचित जनजाति के सदस्यों की संख्या 33 थी।
- कैबिनेट योजना के अनुसार 9 दिसंबर, 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक हुई जिसमें 211 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस बैठक की अध्यक्षता डॉ. सच्चिदानन्द सिन्हा के द्वारा की गई। डॉ. सिन्हा संविधान सभा के पहले कार्यवाहक (अस्थायी) अध्यक्ष थे।
- आचार्य कृपलानी द्वारा सच्चिदानंद सिन्हा के नाम का प्रस्ताव रखा गया था।
- एन्थोनी को सच्चिदानंद सिन्हा के द्वारा संविधान सभा का उपसभापति मनोनीत किया गया था।
- 11 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की दूसरी बैठक हुई। इसमें डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थायी अध्यक्ष बनाया गया था।
- एच.सी. मुखर्जी और टी. कृष्णामाचारी को संविधान सभा का उपाध्यक्ष निर्वाचित किया गया था।
- 26 नवंबर, 1949 को भारतीय संविधान बनकर तैयार हुआ इसे बनने में 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन का समय लगा तथा लगभग 64 लाख रुपये खर्च हुए।
- भारतीय संविधान को बनाने वाली समितियों में सबसे महत्वपूर्ण प्रारूप समिति थी जिसके अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अम्बेडकर थे। इसलिए डॉ. बी. आर. अम्बेडकर को भारतीय संविधान का निर्माता कहा जाता है।
- प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त, 1947 को सत्यनारायण सिन्हा के प्रस्ताव पर किया गया। 30 अगस्त, 1947 को प्रारूप समिति की पहली बैठक में डॉ. अम्बेडकर सभापति के रूप में निर्विरोध निर्वाचित किये गये।
इसमें 7 सदस्य थे, जिनके नाम इस प्रकार हैं-
1. डॉ बी.आर. अम्बेडकर (अध्यक्ष)
2. एन. गोपालस्वामी आयंगर
3. अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर
4. डॉ. के.एम. मुंशी (एक मात्र कांग्रेसी सदस्य)
5. सैय्यद मोहम्मद सादुल्ला (मुस्लिम लीग से)
6. एन. माधव राव (इन्होंने बी.एल.मित्तर की जगह ली जिन्होंने स्वास्थ्य कारणों से त्यागपत्र दे दिया था।)
7. टी. टी. कृष्णामाचारी (इन्होंने 1948 में डी.पी. खेतान की मृत्यु के बाद उनकी जगह ली।)
प्रारूप समिति के अतिरिक्त मुख्य समितियाँ –
1. संघ शक्ति समिति – जवाहरलाल नेहरू
2. राज्यों से समझौता करने वाली समिति – जवाहरलाल नेहरू
3. संघीय संविधान समिति – जवाहरलाल नेहरू
4. प्रांतीय संविधान समिति – सरदार पटेल
5. मौलिक अधिकार, अल्पसंख्यकों एवं जनजातियों तथा बहिष्कृत क्षेत्रों के लिए सलाहकार समिति – सरदार पटेल
6. प्रक्रिया नियम समिति – डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
7. संचालन समिति – डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
- भारतीय संविधान निर्माताओं ने लगभग 60 देशों के संविधानों का अवलोकन किया था।
- भारतीय संविधान के प्रारूप पर 114 दिन बहस चली थी।
- भारतीय संविधान को बनाने में कुल 12 अधिवेशन आयोजित किये गये जो 165 दिन तक चले।
- भारतीय संविधान को बनाने में 15 महिलाओं का भी सहयोग रहा।
- 26 नवंबर, 1949 को 284 सदस्यों के आरम्भिक हस्ताक्षर के साथ ही भारतीय संविधान को अंगीकार कर लिया गया।


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