राज्य निर्वाचन आयोग

पृष्ठभूमि


  • भारत में चुनावों को एक अलग कार्य के रूप में नहीं माना जाता है, बल्कि इसे लोकतांत्रिक प्रशासन के समर्थन के लिए एक एकीकृत तंत्र के रूप में देखा जाता है।
  • भारत का निर्वाचन आयोग भारत के गणराज्य में सभी चुनावी प्रक्रियाओं की निगरानी के साथ सौंपा गया एक स्वायत्त संवैधानिक रूप से अनिवार्य निकाय है। संविधान में दिए गए नियमों के अनुसार चुनाव आयोग द्वारा नियमित अंतराल पर भारत में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव आयोजित किए गए हैं।

प्रावधान

  • संविधान के 73वें और 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अधीन राज्य निर्वाचन आयोग का प्रावधान किया गया था|
  • संविधान के अनुच्छेद 243 (K) में एवं अनुच्छेद 243 (ZA) के अन्तर्गत राज्य निर्वाचन आयोग को मान्यता प्रदान की गई।
  • राज्य निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक निकाय है।

कार्य

  • राज्य निर्वाचन आयोग का कार्य पंचायतों और नगरपालिकाओं के लिए निर्वाचन नियमावली आयोजित करना व चुनाव करवाना है।

स्थापना

  • राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग को संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत जुलाई, 1994 में स्थापित किया गया था।

संरच ना या गठन

  • राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग एक आयुक्त द्वारा पर्यवेक्षित है।
  • श्री अमर सिंह राठौड़ राजस्थान के प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त थे।
  • वर्तमान में राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त पी.एस. मेहरा है।

नियु क्ति

  • राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल के द्वारा की जाती है।

कार्य काल

  • राज्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यकाल 05 वर्ष या 65 वर्ष की आयु जो भी पहले हो, तक निर्धारित किया गया है।

त्याग पत्र

  • राज्य निर्वाचन आयुक्त राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सम्बोधित करता है।

राज्य निर्वाच न आयुक्त को पद से हटाया जाना

  • राज्य निर्वाचन आयुक्त को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान पद से हटाया जा सकेगा अर्थात् साबित कदाचार या असमर्थता के आधार पर संसद द्वारा विशेष बहुमत से पारित संकल्प के पश्चात् राष्ट्रपति के आदेश के माध्यम से उसे पद से हटाया जा सकता है।

 कार्य

  • पंचायती राज तथा नगरीय संस्थाओं के चुनावों का सम्पादन करना।
  • चुनावों के लिए मतदाता सूची का निर्माण करना।
  •  पंचायती राज तथा नगरीय संस्थाओं के चुनावों सम्बन्धी विवादों का निराकरण करना।

Note- इस आयोग का सम्बन्ध राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, संसद तथा विधानमंडल के चुनावों से नहीं है क्योंकि ये केन्द्रीय निर्वाचन आयोग के द्वारा सम्पन्न किए जाते हैं।