INDIAN GEOGROPHY QUESTION 8


Q1.

पीट/दलदलीय/अम्लीय मृदा की विशेषता है?

Aइस मृदा का निर्माण अत्यधिक कार्बनिक पदार्थों के जमाव/निक्षेपण से होता है।

Bयह मृदा गहरी काली होती है।

Cयह मृदा अम्लीय होती है।

CORRECT ANSWER

check_circleउपयुक्त सभी

EXPLANATION

­ पीट/दलदली/अम्लीय मृदा का निर्माण अत्यधिक कार्बनिक पदार्थों के निक्षेपण द्वारा होता है।­ यह मृदा गहरी काली होती है।­ यह मृदा अम्लीय होती है।­ यह मृदा नदी डेल्टा क्षेत्रों में पायी जाती है।

Q2.

मरूस्थलीय मृदा की विशेषता नहीं है?

Aमोटे कण

Bह्युमस की कमी

CORRECT ANSWER

check_circleइस मृदा को ‘रेह’, ’कल्लर’ तथा ऊसर कहते हैं।

Dनमी रोकने की क्षमता कम होती है।

EXPLANATION

- ‘रेह’, ‘कल्लर’ तथा ऊसर लवणीय/क्षारीय मृदा को कहते है।
- मरूस्थलीय मृदा के कण मोटे होते है।- मरूस्थलीय मृदा में ह्युमस की कमी पाई जाती है।
- मरूस्थलीय मृदा में नमी रोकने की क्षमता कम होती है।
- यह शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों में पाई जाती है।

Q3.

निम्नलिखित में से UNESCO द्वारा भारत में घोषित हॉट स्पाट क्षेत्र नहीं है-

Aपश्चिमी घाट

Bपूर्वी हिमालय

Cसुण्डा क्षेत्र

CORRECT ANSWER

check_circleउत्तरी हिमालय

EXPLANATION

युनेस्को ने भारत के चार स्थलों को हॉट स्पॉट क्षेत्र घोषित किया-­ पश्चिमी घाट­ पूर्वी हिमालय­ नोट:- ये दोनों क्षेत्र पूर्णत: भारत में स्थित है।­ इण्डो-वर्मा क्षेत्र – भारत का म्यांमार­ सुण्डा क्षेत्र – अण्डमान-निकोबार (भारत) तथा इण्डोनेशिया के द्वीप

Q4.

निम्नलिखित में से असत्य कथन छॉटिएं।

CORRECT ANSWER

check_circleभारत में घोषित 18 जैव संरक्षित क्षेत्रों में से 13 जैव संरक्षित क्षेत्रों को UNESCO की सूची में शामिल किया गया है।

Bभारत का प्रथम जैव संरक्षित क्षेत्र नीलगिरी की पहाड़ियों को घोषित किया गया था।

Cभारत का अंतिम (18 वां) जैव संरक्षित क्षेत्र पन्ना, M.P को घोषित किया गया।

Dपश्चिमी घाट तथा पूर्वी हिमालय पूर्ण रूप से भारत में स्थित हॉटस्पॉट क्षेत्र है।

EXPLANATION

भारत में घोषित 18 जैव-विविधता क्षेत्रों में से 11 क्षेत्रों को यूनेस्को की सूची में शामिल किया गया हैं।
1. नंदा देवी (उत्तराखण्ड),
2. नीलगिरी (तमिलनाडु, कर्नाटक व केरल),
3. नोक्रेक (मेघालय),
4. सुन्दरवन (प. बंगाल),
5. सिम्पलीपाल (ओडिसा),
6. ग्रेट निकोबार (A&N),
7. पंचमडी (M.P),
8. कंचनजंघा (सिक्किम),
9. अचानकमार-अंमरकंटक (M.P.),
10. आगस्त्यमलाई (केरल),
11. मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु)

Q5.

निम्नलिखित में से असत्य कथन छाँटिए?

Aमन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु)

CORRECT ANSWER

check_circleअगस्तमलाई (कर्नाटक)

Cपन्ना (मध्यप्रदेश)

Dशेषाचलम (तेंलगाना)

EXPLANATION

­ अगस्तमलाई जैव संरक्षित क्षेत्र केरल में स्थित है। मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु), पन्ना (मध्यप्रदेश) तथा शेषाचेलम (तेंलगाना) में स्थित है।




Q1.

निम्नलिखित कथनों में से असत्य कथन है-

Aकाली मृदा का रंग काला टाइटेनीफेरस मैग्नेटाइड की अधिकता के कारण होता है।

Bकाली मृदा का निर्माण बेसाल्टिक लावा चट्टानो के विखण्डन से हुआ है।

Cकाली मृदा में मैंग्नीशियम, एल्युमिनियम तथा लौहे की अधिकता पाई जाती है

CORRECT ANSWER

check_circleकाली मृदा में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा हमूयस की अधिकता पाई जाती है

EXPLANATION

- काली मृदा में नाइट्रोजन, फॉस्पोरस तथा हयूमस की कमी पाई जाती है, क्योंकि काली मृदा का निर्माण बेसाल्टिक लावा चट्टानों के विखण्डन से होता है, जो लावा निर्मित होती है। लावा में मैग्नीशियम, एल्युमिनियम तथा लौह की प्रचुरत पाई जाती है।

Q2.

निम्नलिखित में से किस मिट्टी को स्वत: जुताई वाली मिट्टी कहा जाता है-

CORRECT ANSWER

check_circleकाली मृदा

Bलाल मृदा

Cजलोढ मृदा

Dक्षारीय/लवणीय मृदा

EXPLANATION

- काली मृदा को स्वत: जुताई वाली मृदा कहा जाता है। क्योंकि काली मृदा लावा युक्त होने के कारण उसमें सिलिका पाई जाती है। सिलिका नमी मिलने पर सिकुड़ती है, तथा सूखने पर गहरी-गहरी दरारें पड़ जाती है, इस कारण इसे स्वत: जुताई वाली मृदा कहा जाता है।

Q3.

काली मृदा नहीं पाई जाती है?

Aमहाराष्ट्र

Bगुजरात

CORRECT ANSWER

check_circleकेरल

Dतमिलनाडु

EXPLANATION

- भारत में काली मृदा का विस्तार- महाराष्ट्र उ.प. तमिलनाडु, प. मध्यप्रदेश, द. राजस्थान, दं.प. गुजरात उत्तरी कर्नाटक में पाया जाता है। जबकि केरल में लेटेराइट मृदा पाई जाती हैं।

Q4.

दक्षिणी भारत का चावल का कटोरा किस स्थान को कहा जाता है?

Aकोयाम्ब्टूर

CORRECT ANSWER

check_circleतंजावुर

Cहैदराबाद

Dनीलगिरी

EXPLANATION

- दक्षिणी भारत का चावल का कटोरा तंजावुर को कहा जाता है। तंजावुर (तमिलनाडु) में लाल-पीली मृदा पाई जाती है। लाल पीली मृदा चावल, सोयाबीन, तथा दालों के उत्पादन के लिए उपयुक्त मानी जाती है। भारत का धान का कटौरा छतीसगढ़ को कहा जाता है

Q5.

निम्नलिखित को सुम्मेलित कीजिए-
(a) जलोढ मृदा            (I) कपास
(b) काली मृदा            (II) फलों के पेड़
(c) लाल मृदा              (III) गेहूँ
(d)पर्वतीय मृदा            (IV) मोटा अनाज    

 

AI, II, III, IV

BIV, III, II, I

CORRECT ANSWER

check_circleIII, I, IV, II

DI, III, IV, II

EXPLANATION

- जलोढ़ मृदा गेहूँ उत्पादन के लिए उपयुक्त है।
- काली मृदा कपास उत्पादन के लिए उपयुक्त है।
-  लाल मृदा मोटा अनाज, तिलहन, ढोलों तथा चावल उत्पादन के लिए उपयुक्त है।
- पर्वतीय मृदा फलों के उत्पादन के लिए उपयुक्त है।

Q6.

लाल मृदा पाई जाती है। असत्य कथन को छाँटिये-

Aछत्तीसगढ़

Bतमिलनाडु

Cमणिपुर

CORRECT ANSWER

check_circleअसम

EXPLANATION

- लाल मृदा छतीसगढ़, तमिलनाडु, मणिपुर, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, आन्द्रप्रदेश, झारखण्ड के सेथाल परगाना, मिजोरम तथा त्रिपुरा में पाई जाती है। जबकि असम में जलोढ मृदा पाई जाती है।

Q7.

सामान्यता ईंट बनाने के लिए सबसे अधिक उपयोगी कौन-सी मृदा का होता है?

CORRECT ANSWER

check_circleलेटेराइट मृदा

Bकाली मृदा

Cलाल मृदा

Dजलोढ मृदा

EXPLANATION

- सामान्यतया ईंट बनाने के लिए सबसे अधिक उपयोग लेटेराइट मृदा का होता है।
- लेटेराइट मृदा शुष्क होने पर अत्यधिक ठोस हो जाती है, इसलिए इसका उपयोग ईट बनाने के लिए किया जाता है।
- लेटेराइट लैटिन भाषा के लैटर शब्द से बना है, जिसका अर्थ ईट होता है।

Q8.

चाय, कॉफी तथा मसालों की खेती के लिए उपयुक्त मृदा है?

Aलाल मृदा

CORRECT ANSWER

check_circleलेटेराइट मृदा

Cपर्वतीय मृदा

Dकाली मृदा

EXPLANATION

- लेटेराइट मृदा प्राय: 200 सेटींमीटर से ज्यादा वर्षा वाले स्थानों पर पाई जाती है।
- अधिक वर्षा के कारण लेटेराइट मृदा का निक्षालन अधिक होता है।अत: यह सामान्य फसलों के लिए उपयोगी नहीं होती है। इसलिए लेटेराइट मृदा में रोपित फसलें जैसे- कॉफी तथा मसालों की खेती की जाती है।