INDIAN GEOGROPHY QUESTION 9
Q1.
भारत में मिटि्टयों व कृषि से संबन्धित संस्थान है़?
(a) ICAR
(b) IISS
(c) IUCN
(d) USDA
CORRECT ANSWER
check_circleA और B
EXPLANATION
- ICAR:- Indian Council of Agricultural Research भारतीय कृषि अनसंधान परिषद, यह भारत सरकार के कृषि मंत्रालय में कृषि अनुसंधान एव शिक्षा विभाग के तहत स्वायतशासी संस्थान है, जो नई दिल्ली मे स्थित है।
- IISS:- Indian Institute of Soil science भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान-भोपाल में स्थित है। ये दोनों संस्थान जो भारत में कृषि तथा मृदा से सम्बंधित है।
- IUCN:- International Union for Conservation of Nature, अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए समर्पित एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है। इसका मुख्यालय ग्लाण्ड (स्वीट्जरलैण्ड) में है।
- USDA:- United states Department of Agricultare आजादी से पूर्व भारतीय मिटि्टयों का वर्गीकरण अमेरिकी कृषि विज्ञान संस्थान USDA ने किया था।
Q2.
चट्टानों के अपक्षय से प्राप्त वे अंसगठित पदार्थ जिसमें कार्बनिक, अकार्बनिक, जल तथा वायु का मिश्रण पाया जाता है, कहलाता है।
CORRECT ANSWER
check_circleमृदा
EXPLANATION
- मृदा का निर्माण मूल चट्टानों के अपक्षय से प्राप्त वे अंसगठित पदार्थ जिनमें कार्बनिक, अकार्बनिक, जल तथा वायु का मिश्रण पाया जाता है, से होता है।
Q3.
भारत की मुख्य भूमि पर सर्वाधिक विस्तृत दो स्थानों तक क्रमश: पाई जाने वाली मृदा है?
CORRECT ANSWER
check_circleजलोढ, लाल/पीली मृदा
EXPLANATION
- ICAR तथा IISS ने भारतीय मृदाओं को 8 भागों में विभाजित किया है। जिनमें सर्वाधिक हिस्सा जलोढ तथा दूसरे स्थान पर लाल-पीली मिट्टी आती है।
- जलोढ – 43%
- लाल पीली – 28%
- काली – 16%
Q4.
निम्नलिखित में से कौन-सी क्षेत्रीय मृदा हैं?
CORRECT ANSWER
check_circleकाली मृदा
EXPLANATION
- मृदा की मूल स्थिती के आधार पर मृदा को दो भागों में बाटा जा सकता है।
क्षेत्रीय (Zonal) अक्षेत्रिय (Azonal)
- क्षेत्रीय मृदा:- वह मृदा जो मूल चट्टानों के समीप पाई जाती है और उसमें मूल चट्टानों के सभी गुण पाए जाते है, जैसे- काली मृदा।
- अक्षेत्रीय मृदा:- वह मृदा जो मूल चट्टानों से बहुत दूर पाई जाती हैं और उसमें मूल चट्टानों के सभी गुण नहीं होते। जैसे- जलोढ मृदा।
Q5.
मृदा में N:P:K का आदर्श औसत क्या होना चाहिए?
CORRECT ANSWER
check_circle4:2:1
EXPLANATION
- मृदा में N:P:K अर्थात नाइट्रोजन: फॉस्फोरस:पोटास का आदर्श अनुपता 4:2:1 होना चाहिए। मिट्टी से ऊपजाउपन के लिए उचित मात्रा में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश+हयूमास का होना अतिआवश्यक है।
Q6.
निम्नलिखित तथ्यों में से असत्य कथन है-
Aभारत में सर्वाधिक भू-भाग पर विस्तृत मृदा जलोढ है।
Bजलोढ मृदा का निर्माण निक्षेपण द्वारा हुआ है।
CORRECT ANSWER
check_circleजलोढ मृदा में नाइट्रोज, फास्फोरस तथा हयुमस प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
EXPLANATION
- जलोढ मृदा का निर्माण नदियों द्वारा निक्षेपण के द्वारा होता है। जो भारत के सर्वाधिक भू-भाग का 43% पर पाई जाती है। जलोढ मृदा नदियों द्वारा निक्षेपण से बनने के कारण उनमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा हयुमस की हमेशा कमी पाई जाती है। तथा यह मृदा अपनी मूल चट्टानों से दूर निक्षेपित होने तथा मातृ चट्टानों से भिन्न गुण लिये होने के कारण अक्षेत्रीय मृदा कहलाती है।
Q7.
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है।
Aपर्वतीय मृदा मैदानों में पाई जाती है।
CORRECT ANSWER
check_circleपर्वतीय मृदा की परत बहुत पतली होती है।
Cपर्वतीय मृदा अधिक उपजाऊ होती है।
Dयह मृदा फलों की खेती के लिए उनुपयोगी है
EXPLANATION
- पर्वतीय मृदा का निर्माण पहाड़ी ढ़लानों पर होता है तथा ढ़लानो पर पायी जाने के कारण बहुत पतली परत पायी जाती है। पर्वतीय मृदा में नाइट्रोजन फॉस्फोरस तथा हयूमस की कमी के कारण ऊपजापन कम पाया जाता है। पर्वतीय मृदा फलों की खेती के लिए उपयुक्त है।
Q8.
निम्नलिखित में से असत्य कथन है?
Aलवणीय/क्षारीय मृदा पूर्णत: अनुपजाऊ होती है।
CORRECT ANSWER
check_circleअत्यधिक वाष्पीकरण के कारण मृदा में सोडियम तथा मेग्नीशयम लवणों की कमी पाई जाती है।
Cलवणीय/क्षारीय मृदा को ‘रेह’, कल्लर तथा उसर कहा जाता है।
Dलवणीय/क्षारीय मृदा कच्छ के रण तथा तटीय क्षेत्रों में पाई जाती है।
EXPLANATION
- लवणीय मृदा में अत्यधिक वाष्पीकरण के कारण मृदा की ऊपरी सतह पर सोडियम तथा मैग्नीशियम लवणों की एक परत जमा हो जाती है, इसलिए मृदा पूर्णत: अनुपजाऊ हो जाती है।
- लवणीय मृदा कच्छ के रण तथा तटीय क्षेत्रों में पाई जाती है।
Q9.
निम्न लिखित को सही क्रम सुम्मेलित किजिए?
(a) जलोढ मृदा (I) महाराष्ट्र
(b) काली मृदा (II) मैदानी क्षेत्र
(c) लाल-पीली मृदा (III) प. राजस्थान
(d) मरूस्थलीय मृदा (IV) दक्षिणी भारत
CORRECT ANSWER
check_circleII, I, IV, III
EXPLANATION
- जलोढ मृदा:- पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, आसोम
- काली मृदा:- महाराष्ट्र, द.प. गुजरात, दक्षिणी राजस्थान. प.मध्यप्रदेश, पं. तेलगाना, उ. कर्नाटक, उ.प. तमिलनाडु
- लाल-पीली मृदा:- मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिसा, तमिलनाडु, कर्नाटक, झारखण्ड का संथाल क्षेत्र
- मरूस्थलीय मृदा:- पश्चिम राजस्थान, दक्षिणी हरियाणा, दक्षिणी पंजाब, उत्तरी-पश्चिमी गुजरात
Q10.
निम्नलिखित कथनों में से असत्य कथन है-
Aकाली मृदा का रंग काला टाइटेनीफेरस मैग्नेटाइड की अधिकता के कारण होता है।
Bकाली मृदा का निर्माण बेसाल्टिक लावा चट्टानो के विखण्डन से हुआ है।
Cकाली मृदा में मैंग्नीशियम, एल्युमिनियम तथा लौहे की अधिकता पाई जाती है
CORRECT ANSWER
check_circleकाली मृदा में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा हमूयस की अधिकता पाई जाती है
EXPLANATION
- काली मृदा में नाइट्रोजन, फॉस्पोरस तथा हयूमस की कमी पाई जाती है, क्योंकि काली मृदा का निर्माण बेसाल्टिक लावा चट्टानों के विखण्डन से होता है, जो लावा निर्मित होती है। लावा में मैग्नीशियम, एल्युमिनियम तथा लौह की प्रचुरत पाई जाती है।
Q11.
निम्नलिखित में से किस मिट्टी को स्वत: जुताई वाली मिट्टी कहा जाता है-
CORRECT ANSWER
check_circleकाली मृदा
EXPLANATION
- काली मृदा को स्वत: जुताई वाली मृदा कहा जाता है। क्योंकि काली मृदा लावा युक्त होने के कारण उसमें सिलिका पाई जाती है। सिलिका नमी मिलने पर सिकुड़ती है, तथा सूखने पर गहरी-गहरी दरारें पड़ जाती है, इस कारण इसे स्वत: जुताई वाली मृदा कहा जाता है।
Q12.
काली मृदा नहीं पाई जाती है?
CORRECT ANSWER
check_circleकेरल
EXPLANATION
- भारत में काली मृदा का विस्तार- महाराष्ट्र उ.प. तमिलनाडु, प. मध्यप्रदेश, द. राजस्थान, दं.प. गुजरात उत्तरी कर्नाटक में पाया जाता है। जबकि केरल में लेटेराइट मृदा पाई जाती हैं।
Q13.
दक्षिणी भारत का चावल का कटोरा किस स्थान को कहा जाता है?
CORRECT ANSWER
check_circleतंजावुर
EXPLANATION
- दक्षिणी भारत का चावल का कटोरा तंजावुर को कहा जाता है। तंजावुर (तमिलनाडु) में लाल-पीली मृदा पाई जाती है। लाल पीली मृदा चावल, सोयाबीन, तथा दालों के उत्पादन के लिए उपयुक्त मानी जाती है। भारत का धान का कटौरा छतीसगढ़ को कहा जाता है
Q14.
निम्नलिखित को सुम्मेलित कीजिए-
(a) जलोढ मृदा (I) कपास
(b) काली मृदा (II) फलों के पेड़
(c) लाल मृदा (III) गेहूँ
(d)पर्वतीय मृदा (IV) मोटा अनाज
CORRECT ANSWER
check_circleIII, I, IV, II
EXPLANATION
- जलोढ़ मृदा गेहूँ उत्पादन के लिए उपयुक्त है।
- काली मृदा कपास उत्पादन के लिए उपयुक्त है।
- लाल मृदा मोटा अनाज, तिलहन, ढोलों तथा चावल उत्पादन के लिए उपयुक्त है।
- पर्वतीय मृदा फलों के उत्पादन के लिए उपयुक्त है।
Q15.
लाल मृदा पाई जाती है। असत्य कथन को छाँटिये-
CORRECT ANSWER
check_circleअसम
EXPLANATION
- लाल मृदा छतीसगढ़, तमिलनाडु, मणिपुर, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, आन्द्रप्रदेश, झारखण्ड के सेथाल परगाना, मिजोरम तथा त्रिपुरा में पाई जाती है। जबकि असम में जलोढ मृदा पाई जाती है।
Q16.
सामान्यता ईंट बनाने के लिए सबसे अधिक उपयोगी कौन-सी मृदा का होता है?
CORRECT ANSWER
check_circleलेटेराइट मृदा
EXPLANATION
- सामान्यतया ईंट बनाने के लिए सबसे अधिक उपयोग लेटेराइट मृदा का होता है।
- लेटेराइट मृदा शुष्क होने पर अत्यधिक ठोस हो जाती है, इसलिए इसका उपयोग ईट बनाने के लिए किया जाता है।
- लेटेराइट लैटिन भाषा के लैटर शब्द से बना है, जिसका अर्थ ईट होता है।
Q17.
चाय, कॉफी तथा मसालों की खेती के लिए उपयुक्त मृदा है?
CORRECT ANSWER
check_circleलेटेराइट मृदा
EXPLANATION
- लेटेराइट मृदा प्राय: 200 सेटींमीटर से ज्यादा वर्षा वाले स्थानों पर पाई जाती है।
- अधिक वर्षा के कारण लेटेराइट मृदा का निक्षालन अधिक होता है।अत: यह सामान्य फसलों के लिए उपयोगी नहीं होती है। इसलिए लेटेराइट मृदा में रोपित फसलें जैसे- कॉफी तथा मसालों की खेती की जाती है।
Q18.
पीट/दलदलीय/अम्लीय मृदा की विशेषता है?
Aइस मृदा का निर्माण अत्यधिक कार्बनिक पदार्थों के जमाव/निक्षेपण से होता है।
Bयह मृदा गहरी काली होती है।
CORRECT ANSWER
check_circleउपयुक्त सभी
EXPLANATION
पीट/दलदली/अम्लीय मृदा का निर्माण अत्यधिक कार्बनिक पदार्थों के निक्षेपण द्वारा होता है। यह मृदा गहरी काली होती है। यह मृदा अम्लीय होती है। यह मृदा नदी डेल्टा क्षेत्रों में पायी जाती है।
Q19.
मरूस्थलीय मृदा की विशेषता नहीं है?
CORRECT ANSWER
check_circleइस मृदा को ‘रेह’, ’कल्लर’ तथा ऊसर कहते हैं।
Dनमी रोकने की क्षमता कम होती है।
EXPLANATION
- ‘रेह’, ‘कल्लर’ तथा ऊसर लवणीय/क्षारीय मृदा को कहते है।
- मरूस्थलीय मृदा के कण मोटे होते है।- मरूस्थलीय मृदा में ह्युमस की कमी पाई जाती है।
- मरूस्थलीय मृदा में नमी रोकने की क्षमता कम होती है।
- यह शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों में पाई जाती है।
Q20.
निम्नलिखित में से UNESCO द्वारा भारत में घोषित हॉट स्पाट क्षेत्र नहीं है-
CORRECT ANSWER
check_circleउत्तरी हिमालय
EXPLANATION
युनेस्को ने भारत के चार स्थलों को हॉट स्पॉट क्षेत्र घोषित किया- पश्चिमी घाट पूर्वी हिमालय नोट:- ये दोनों क्षेत्र पूर्णत: भारत में स्थित है। इण्डो-वर्मा क्षेत्र – भारत का म्यांमार सुण्डा क्षेत्र – अण्डमान-निकोबार (भारत) तथा इण्डोनेशिया के द्वीप
Q21.
निम्नलिखित में से असत्य कथन छॉटिएं।
CORRECT ANSWER
check_circleभारत में घोषित 18 जैव संरक्षित क्षेत्रों में से 13 जैव संरक्षित क्षेत्रों को UNESCO की सूची में शामिल किया गया है।
Bभारत का प्रथम जैव संरक्षित क्षेत्र नीलगिरी की पहाड़ियों को घोषित किया गया था।
Cभारत का अंतिम (18 वां) जैव संरक्षित क्षेत्र पन्ना, M.P को घोषित किया गया।
Dपश्चिमी घाट तथा पूर्वी हिमालय पूर्ण रूप से भारत में स्थित हॉटस्पॉट क्षेत्र है।
EXPLANATION
भारत में घोषित 18 जैव-विविधता क्षेत्रों में से 11 क्षेत्रों को यूनेस्को की सूची में शामिल किया गया हैं।
1. नंदा देवी (उत्तराखण्ड),
2. नीलगिरी (तमिलनाडु, कर्नाटक व केरल),
3. नोक्रेक (मेघालय),
4. सुन्दरवन (प. बंगाल),
5. सिम्पलीपाल (ओडिसा),
6. ग्रेट निकोबार (A&N),
7. पंचमडी (M.P),
8. कंचनजंघा (सिक्किम),
9. अचानकमार-अंमरकंटक (M.P.),
10. आगस्त्यमलाई (केरल),
11. मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु)
Q22.
निम्नलिखित में से असत्य कथन छाँटिए?
Aमन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु)
CORRECT ANSWER
check_circleअगस्तमलाई (कर्नाटक)
EXPLANATION
अगस्तमलाई जैव संरक्षित क्षेत्र केरल में स्थित है। मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु), पन्ना (मध्यप्रदेश) तथा शेषाचेलम (तेंलगाना) में स्थित है।
Q23.
निम्नलिखित जैव संरक्षित क्षेत्रों में से UNESCO की सूची में शामिल किया गया क्षेत्र है?
CORRECT ANSWER
check_circleनीलगिरी पहाड़ियाँ
EXPLANATION
नीलगिरी पहाड़ियाँ-1986 में भारत का सबसे पहला बायोस्फियर रिजर्व क्षेत्र हैं घोषित किया गया था, जो तमिलनाडु, केरल तथा कर्नाटक राज्य में विस्तृत है। 2001 में इसे UNESCO की सूची में शामिल किया गया है।
Q24.
निम्नलिखित में से सही सुम्मेलित है?
(a) जैव संरक्षित क्षेत्र | (I) 4 |
(b) हॉट स्पॉट क्षेत्र | (II) 18 |
(c) राष्ट्रीय पार्क | (III) 50 |
(d)भारत में टाइगर रिजर्व बैंक | (IV) 104 |
CORRECT ANSWER
check_circlea-II, b-I, c-IV, d-III
EXPLANATION
भारत में जैव संरक्षित क्षेत्र-18 है। भारत में हॉट स्पौट क्षेत्र – 4 है। भारत में राष्ट्रीय पार्कों की संख्या-104 है। भारत में टाइगर रिजर्व क्षेत्र-50 है।
Q25.
निम्नलिखित कथनों का सही कूट हैं-
(a) भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पार्क। (i) हेमीस राष्ट्रीय पार्क
(b) भारत का सबसे छोटा राष्ट्रीय पार्क। (ii) द. बटन राष्ट्रीय पार्क
(c) भारत का प्रथम राष्ट्रीय पार्क। (iii) जिम कार्बेट राष्ट्रीय पार्क
(d) भारत का सबसे अंतिम (104 वां) राष्ट्रीय पार्क । (iv) कूनो राष्ट्रीय पार्क
CORRECT ANSWER
check_circle I, II, III, IV
EXPLANATION
भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पार्क हेमीस राष्ट्रीय पार्क (जम्मू एंव कश्मीर) हैं।
भारत का सबसे छोटा राष्ट्रीय पार्क दक्षिणी बटन राष्ट्रीय पार्क अण्डमान-निकोबार में स्थित है।
भारत का प्रथम राष्ट्रीय पार्क-जिम कार्बेट राष्ट्रीय पार्क उत्तराखण्ड में स्थित है।
भारत का अंतिम (104 वां) राष्ट्रीय पार्क कूनो राष्ट्रीय पार्क मध्यप्रदेश में स्थित हैं।
Q26.
निम्न में से भारत की मगरमच्छ/घड़ियाल परियोजना है?
Cचम्बल वन्य जीवन अभ्यारण्य (मध्यप्रदेश)
CORRECT ANSWER
check_circleउपर्युक्त सभी
EXPLANATION
1975 में भारत में मगरमच्छ/घड़ियाल परियोजना शुरू की गई थी। निम्न तीनों मगरमच्छ/घड़ीयाल परियोजनाएं है- टीकडपाड़ा (ओडीसा), कुकरैल (लखनऊ) तथा चम्बल वन्य जीवन अभयारण्य (M.P.) है।
Q27.
निम्न में से गलत कथन छाँटिए?
Bघड़ियाल/मगरमच्छ परियोजना 1975
CORRECT ANSWER
check_circleशेर परियोजना 1976
EXPLANATION
भार में शेर परियोजना (Project Lion) गिर राष्ट्रीय गुजरात में 1972 को शुरू की गई। बांध परियोजना 1973 तथा मगरमच्छ। घड़ियाल परियोजना 1975 को प्रारंभ की गई।
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