Part 1 पाचन तंत्र

पाचन - भोजन के बड़े-बड़े अणुओं को छोटे-छोटे अणुओं में तोड़ने की प्रक्रिया पाचन कहलाती है।

  • मानव में पाचन की प्रक्रिया आहार नाल में सम्पन्न होती है।

आहारनाल 

  • लम्बाई - 10 - 12 मीटर
  • आहार नाल  मुख गुहा से प्रारम्भ होकर गुदा में समाप्त होती है।
  • शाकाहारियों की आहार नाल माँसाहारियों की तुलना में बड़ी होती है क्योंकि सेल्युलोस को पचाने  के लिए अधिक क्षेत्रफल की आवश्यकता है।

आहार नाल

भाग

पाचन ग्रथियाँ (बहिस्त्रावी)

मुख गुहा

लार ग्रंथियाँ

ग्रसनी

जठरग्रंथियाँ

ग्रसिका

ब्रुनर ग्रंथियाँ

आमाशय

अग्नाशय ग्रंथि

छोटी आँत

यकृत

एपेन्डीकस

 

बड़ी आँत

 

मुख गुहा - मुख गुहा में निम्न अंगों को सम्मिलित किया गया है।
(i) दाँत
(ii) जीभ
(iii) यवला
(iv) लार ग्रंथियाँ
दाँत - उत्पत्ति के आधार पर दाँत 2 प्रकार के होते हैं-
दुध के दाँत = 20
वयस्क के दाँत = 20 + 12 = 32
संरचना तथा कार्य के आधार पर  = 4
1. इनसाइजर (कृतनक)   8        8         काटना
2.  केनायन (रदनक)       4        4         चीरना फाड़ना
3.  प्रो-मोलर (अग्रचर्वक)  8        0         चबाना
4. मोलर (चर्वणक)         12       8         चबाना

32   20

  • छोटे बच्चों में सर्वप्रथम इनसाइजर दाँत आते है।
  • हाथी दाँत इनसाइजर के रूपान्तर होते है।
  • शेरों में केनायन दाँत सर्वप्रथम विकसित होते है।
  • छोटे बच्चों में प्री-मोलर दाँत नहीं पाये जाते हैं।
  • चूहा दाँतों की लम्बाई को कम करने के लिए वस्तुओं को कुतरता है।

वयस्क दंत सूत्र =\frac{2123}{2123}\times2 
दूध के दाँतों का सूत्र =\frac{2102}{2102}\times2 
दाँतों की संरचना :-
इनैमल
 - दाँतों के ऊपर एक सफेद अवरण पाया जाता है, जिसे इनैमल कहा जाता है।
इनैमल मानव शरीर का सबसे कठोर भाग है क्योंकि यह कैल्सियम कार्बोनेट व कैल्सियम फॉस्फेट से मिलकर बना होता है।
डेन्टीन - इनैमल की निचली परत डेन्टीन कहलाती है।
      - डेन्टीन भाग से तंत्रिकाएँ जुड़ी रहती है।

Note :- मानव द्विबार दन्ती गर्तदन्ती तथा विषमदन्ती कहलाती है।

  • दातुन (Toothpaste) - दाँतों की अम्लीयता को दूर करता है।
  • दातुन में क्षार तथा लवण मिलाये जाते है।