तदर्थ न्यायाधीश
- अनुच्छेद-127(1) के अनुसार तदर्थ न्यायाधीश की नियुक्ति मुख्य न्यायाधीश की सहमति तथा राष्ट्रपति की पूर्ण मंजूरी के बाद न्यायालय के कोरम पूर्ति करने के लिए की जाती है।
सेवानिवृत्त न्यायाधीश –
- संविधान के अनुच्छेद-128 के अनुसार मुख्य न्यायाधीश को यह अधिकार दिया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर वह राष्ट्रपति की पूर्व स्वीकृति लेकर उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के किसी अवकाश प्राप्त न्यायाधीश से भी उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में बैठने और कार्य करने का अनुरोध कर सकता है।
कार्यस्थान -
- अनुच्छेद-130 के अनुसार उच्चतम न्यायालय का कार्यक्षेत्र दिल्ली रहेगा। वैकल्पिक रूप में चाहे तो मुख्य न्यायाधीश राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के बाद अन्यत्र जगह स्थापित कर सकते हैं।
उच्चतम न्यायालय का क्षेत्राधिकार एवं शक्तियाँ-
1. आरंभिक अधिकारिता शक्ति -
- उच्चतम न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार या आरंभिक अधिकारिता से आशय है कि कुछ ऐसे क्षेत्र जिनकी सुनवाई करने का अधिकार सिर्फ उच्चतम न्यायालय को प्राप्त है।
- अनुच्छेद-131 में उल्लेख किया गया है कि यदि कोई विवाद जो भारत सरकार और एक या एक से अधिक राज्यों के बीच उत्पन्न हुआ हो पर सुनवाई करने का अधिकार सर्वोच्च न्यायालय को होता है।
- उच्चतम न्यायालय के न्याय क्षेत्र में संविधान से पूर्व की संधि, समझौता तथा अंतर्राज्यीय जल विवाद को शामिल नहीं किया जाता है।
2. मूल अधिकारों का संरक्षक -
- संविधान में उच्चतम न्यायालय को नागरिकों के मूल अधिकारों के रक्षक के रूप में भी स्थापित किया गया है।
- रिट जारी करने की शक्ति सर्वोच्च न्यायालय को अनुच्छेद-32 के अन्तर्गत जबकि उच्च न्यायालय को अनुच्छेद-226 के अन्तर्गत प्राप्त है। प्रमुख रिट या प्रलेख निम्न हैं-
- अनुच्छेद 32 के तहत उच्चतम न्यायालय मूल अधिकारों की रक्षा के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, उत्प्रेषण, प्रतिषेध एवं अधिकार पृच्छा की रिट जारी कर सकता है।
3. सलाहकारी क्षेत्राधिकार -
- संविधान के अनुच्छेद 143 में राष्ट्रपति को दो श्रेणियों में उच्चतम न्यायालय से राय लेने का अधिकार देता है। जिनमें सार्वजनिक महत्व के किसी मसले पर विथिक प्रश्नन उठने पर उच्चतम न्यायालय सलाह दे भी सकता है तथा इन्कार भी कर सकता है तथा पूर्व संवैधानिक संधि, समझौते पर विवाद उत्पन्न होने पर उच्चतम न्यायालय सलाह देने के लिए बाध्य है लेकिन राष्ट्रपति सलाह मानने के लिए बाध्य नहीं है।
4. अभिलेख न्यायालय -
- अनु.129 के तहत उच्चतम न्यायालय एक अभिलेख न्यायालय है क्योंकि इनकी कार्यवाही एवं फैसले अभिलेख व साक्ष्य के रूप में रखे जाते हैं। अन्य न्यायालय इसे विधिक संदर्भों की तरह स्वीकार करेंगे।
5. पुनरवलो कन की शक्तियाँ –
- अनुच्छेद-137 के अनुसार उच्चतम न्यायालय को अपने द्वारा दिये गये निर्णय या आदेशों के पुनरवलोकन या पुनर्विचार की शक्ति प्रदान की गई है। उच्चतम न्यायालय ने न्यायिक समीक्षा शक्ति का प्रयोग विभिन्न मामलों में किया है। जैसे- गोलकनाथ मामला-1967, केशवानंद भारती मामला-1973
6. अपीलीय क्षेत्राधिकार –
- उच्चतम न्यायालय के अनुच्छेद-132 के तहत अपीलीय अधिकारिता प्राप्त है। उच्चतम न्यायालय अंतिम अपीलीय न्यायालय है जिसमें संवैधानिक मामलों की अपील, दीवानी मामलों की अपील, आपराधिक मामलों की अपील व विशेष अनुमति की अपील की जाती है।
7. संविधा न का संरक्षक –
- उच्चतम न्यायालय भारतीय संविधान के संरक्षक के रूप में कार्य करता है। यदि विधायिका द्वारा बनाया गया कोई भी कानून संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करता है तो न्यायालय उसे अवैध घोषित कर सकता है।
- न्यायिक सक्रियता की अवधारणा अमेरिका से ली गई है। इसका तात्पर्य यह है कि न्यायपालिका द्वारा सरकार के दो अन्य अंगों (विधायिका व कार्यपालिका) को अपने संवैधानिक दायित्वों के पालन के लिए बाध्य करना।
भारत के अब तक के मुख्य न्यायाधीश
| नाम | कार्यकाल |
1. | हरिलाल जे. कानिया | 29 जनवरी, 1950 से 6 नवंबर, 1951 तक |
2. | एम. पतंजलि शास्त्री | 1951 से 1954 तक |
3. | मेहर चंद महाजन | 4 जनवरी, 1954 से 22 दिसम्बर, 1954 तक |
4. | बी.के. मुखर्जी | 1954 से 1956 तक |
5. | एस.आर. दास | 1956 से 1959 तक |
6. | भुवनेश्वर प्रसाद सिन्हा | 1959 से 1964 तक |
7. | पी.बी. गजेन्द्रगड्डकर | 1964 से 1966 तक |
8. | ए.के. सरकार | 16 मार्च, 1966 से 29 जून, 1966 तक |
9. | के. सुब्बाराव | 1966 से 1967 तक |
10. | के.एन. वांचू | 1967 से 1968 तक |
11. | एम. हिदायतुल्लाह | 1968 से 1970 तक |
12. | आई.सी. शाह | 1970 से 1971 तक |
13. | एम.एम. सीकरी | 1971 से 1973 तक |
14. | ए.एन. रे | 1973 से 1977 तक |
15. | एम.एच. बेग | 1977 से 1978 तक |
16. | वाई. वी. चन्द्रचूड़ | 1978 से 1985 तक |
17. | पी.एन. भगवती | 1985 से 1986 तक |
18. | आर.एस. पाठक | 1986 से 1989 तक |
19. | ई.एस. वेंकटरमैया | 19 जून,1989 से 17 दिसंबर, 1989 तक |
20. | एस. मुखर्जी | 1989 से 1990 तक |
21. | रंगनाथ मिश्र | 1990 से 1991 तक |
22. | के.एन. सिंह | 25 नवंबर, 1991 से 12 दिसंबर, 1991 तक |
23. | एम.एच. कानिया | 1991 से 1992 तक |
24. | आई.एम. शर्मा | 1992 से 1993 तक |
25. | एम.एन. वेंकटचलैया | 1993 से 1994 तक |
26. | ए.एम. अहमदी | 1994 से 1997 तक |
27. | जे.एस. वर्मा | 1997 से 1998 तक |
28. | एम.एम. पंछी | 18 जनवरी, 1998 से 9 अक्टूबर, 1998 तक |
29. | ए.एस. आनंद | 1998 से 2001 तक |
30. | एस.पी. भरुचा | 2001 से 2002 तक |
31. | बी.एन. कृपाल | 6 मई, 2002 से 7 नवंबर, 2002 तक |
32. | जी.बी. पटनायक | 8 नवंबर, 2002 से 18 दिसंबर, 2002 तक |
33. | वी.एन. खरे | 2002 से 2004 तक |
34. | एस. राजेन्द्र बाबू | 2 मई, 2004 से 31 मई, 2004 तक |
35. | आर.सी. लाहोटी | 2004 से 2005 |
36. | वाई. के. सब्बरवाल | 2005 से 2007 तक |
37. | के.जी. बालकृष्णन | 2007 से 2010 तक |
38. | एस.एच. कपाड़िया | 2010 से 2012 तक |
39. | अल्तमाश कबीर | 2012 से 2013 तक |
40. | पी. सदाशिवम̖ | 2013 से 2014 तक |
41. | राजेन्द्र मल लोढ़ा | 27 अप्रैल, 2014 से 27 सितंबर, 2014 तक |
42. | एच.एल. दत्तू | 2014 से 2015 तक |
43. | टी.एस. ठाकुर | 2015 से 2017 तक |
44. | जे.एस. खेहर | 4 जनवरी, 2017 से 27 मई, 2017 |
45. | दीपक मिश्रा | 2017 से 2018 तक |
46. | रंजन गोगोई | 2018 से 2019 तक |
47. | शरद अरविन्द बोबड़े | 18 नवम्बर, 2019 से अब तक |


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