Q1.
राजस्थान के कितने जिलों में सूखा संभावित कार्यक्रम चलाया जा रहा है?
Q2.
राजस्थान के कितने जिलों में मरु विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है?
Q3.
निम्नलिखित में से कौन-सा राजस्थान में मरुस्थलीकरण का कारण नहीं है?
1) निर्वनीकरण
2) वनोन्मूलन
3) भू-क्षरण
4) मृदा अपरदन
5) वायु अपरदन
6) औद्योगिक कचरा
7) संसाधनों का अतिदोहन
8) वनस्पति विनाश
9) जल प्लावन
10) मिट्टी की लवणीयता
Q4.
सूची-I को सूची-II से मिलान कीजिए-
सूची-I सूची-II
(A) सूखा आंशाकित क्षेत्र कार्यक्रम 1) जिलों के 14 प्रखण्डों में
(B) मरु भूमि विकास कार्यक्रम 2) 11 जिलों में
(C) मगरा क्षेत्र विकास कार्यक्रम 3) 16 जिलों में
(D) सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम 4) 4 जिलों के 14 उपखण्डों में
कूट:-
- मरु भूमि विकाय कार्यक्रम - राजस्थान के 16 जिलों में क्रियान्वित है।
- मगरा क्षेत्र विकास कार्यमक्रम - मगरा कार्यक्रम राज्य के 5 जिलों की 14 ग्राम पंचायतों में क्रियान्वित है।
- सीमा क्षेत्र विकाय कार्यक्रम – यह राज्य के 4 जिलों के 14 उपखण्डों में कार्यरत है।
Q5.
मगरा क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम राजस्थान में कब प्रारंभ किया गया है?
Q6.
राजस्थान में अकाल का प्राकृतिक कारण है-
1) प्राकृतिक स्वरूप एवं जलवायु
2) मरुस्थलीकरण
3) रेतीली मृदा का विस्तार
4) बालुका स्तूप युक्त क्षेत्र
5) पश्चिमी मरुस्थलीय धरातल
6) उच्च तापमान
7) पश्चिमी हवाओं तथा तापक्रमीय विभेदन
8) कम आर्द्रता, अधिक वाष्पीकरण
Q7.
राजस्थान में सूखा एवं अकाल से निपटने हेतु ‘सहायता विभाग’ की स्थापना कब की गई?
- 31 अक्टूबर, 2003 से ‘सहायता विभाग’ का नाम बदलकर ‘आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग’ कर दिया गया।
- आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग का मुख्यालय जयपुर में हैं।
Q8.
विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस कब मनाया जाता है?
Q9.
‘मगरा क्षेत्र विकास कार्यक्रम’ राजस्थान के किन जिलों के युग्म से संबंधित है?
Q10.
निम्न में से कौन-सा राजस्थान में मरुस्थलीकरण का कारण है?
1) जलवायु की कठोरता
2) वनस्पति का अभाव
3) जनसंख्या की वृद्धि
4) अनियंत्रित पशुचारण
5) भू-जल स्तर में गिरावट
6) निरंतर सूखा पड़ना
7) भू-क्षरण
8) वायु अपरदन में वृद्धि
9) जहाँ सिंचाई का विस्तार है वहाँ लवणता, जल संचयन, जल रिसाव की समस्या
10) संसाधनों का अत्यधिक शोषण
Q11.
हरियाली परियोजना का शुभारम्भ कब किया गया?
- ‘हरियाली परियोजना’ का मुख्य उद्देश्य जल संग्रहण योजनाओं का क्रियान्वयन, वर्षा जल का संचयन, पेयजल की समस्या का निवारण, सिंचाई हेतु जल की व्यवस्था, वृक्षारोपण तथा मत्सय पालन को प्रोत्साहन आदि है।
Q12.
राजस्थान में सूखे व अकाल का मानवीय कारण है-
1) भू-जल का अंधाधुंध विदोहन
2) पारिस्थितिकी असंतुलन
3) वनों की अनियंत्रित कटाई
4) अनियंत्रित पशुचारण
5) अति पशुचारण
Q13.
डांग-क्षेत्रीय विकाय कार्यक्रम निम्न में से किन जिलों के युग्म से संबंधित है?
Q14.
भारत के मरुस्थल का कुल भू-भाग राजस्थान में कितना प्रतिशत है?
Q15.
राजस्थान के मरुस्थल को किस नाम से जाना जाता है?
Q16.
निम्न कथनों पर विचार कीजिए-
1) मरुस्थल विकास को रोकने के लिए सरकार ने वर्ष 1971 में ऑपरेशन खेजड़ा अभियान प्रारम्भ किया।
2) केन्द्रीय मरु क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) की स्थापना वर्ष 1959 में जोधपुर में की गई।
3) सूखा-संभवित क्षेत्र कार्यक्रम वर्तमान में 11 जिलों में 32 खण्डों में चलाया जा रहा है।
4) राष्ट्रीय जल ग्रहण क्षेत्र विकास कार्यक्रम (NWDP) वर्ष 1990-91 से राजस्थान के 10 जिलों में शुरू किया गया।
5) मरु विकास कार्यक्रम में वर्तमान समय में केन्द्र सरकार की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी से चलाया जाता है।
कूट:-
Q17.
राजस्थान में मरु विकास कार्यक्रम किस सन् से प्रारम्भ हुआ?
- यह वर्तमान में 16 जिलों में क्रियान्वित है- चूरू, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, जालोर, नागौर, पाली, अजमेर, उदयपुर, राजसमंद, सिरोही, झुंझुनूँ, सीकर व जयपुर।
Q18.
राजस्थान में ‘त्रिकाल’ का संबंध है-
1) अन्न अकाल – कृषि उपज का न होना।
2) जल अकाल – जल का अभाव।
3) त्रिकाल – अन्न, जल, चारे का अभाव।
4) तृणकाल – घास व चारे का अभाव।
Q19.
राजस्थान में ‘सूखा सम्भाव्य क्षेत्र कार्यक्रम’ किस वर्ष प्रारम्भ किया गया था?
Q20.
राजस्थान में भीषणतम अकाल ‘छपनिया अकाल’ कब पड़ा?
Q21.
छपनियाँ अकाल के मुख्य लक्षण थे-
1) मनुष्यों के भोजन सामग्री की अनुपलब्धता
2) सिंचाई सुविधाओं का विस्तार
3) पशुओं के चारों की उपलब्धता
4) पीने के पानी की अनुपलब्धता
5) कृषि उपज का न होना
1) कृषि उपज का न होना
2) मनुष्यों के भोजन सामग्री की अनुपलब्धता
3) पीने के पानी की अनुपलब्धता
4) पशुओं के चारें की अनुपलब्धता


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