आशिक था एक मेरे अंदर, कुछ साल पहले गुज़र गया..!!
अब कोई शायर सा है, अजीब अजीब सी बातें करता है,…
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Dil wale to aur bhi honge tumhare shahar mein magar,
Hamara andaaz-e-wafa tumhe hamesha yaad ayega…!!
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Mohobbat dekh li maine zamane bhar ke logo ki
Jahan kuch daam zayda ho wahan insaan bikte hai.
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Tu ek bhi baar humse mili nahi warna,
tere hi dil ko tere hi khilaaf kar dete..!!
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Phir se ho rhi thi mujhe mohabbat usse…!!
Na khulti aankh to wo mera ho chuka tha….!!
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Yaad karne me humne hadd kardi,
magar bhool jane me tum bhi kamal karte ho..!!
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कुछ रिशते ऐसे होते हैं..
जिनको जोड़ते जोड़ते इन्सान खुद टूट जाता है।
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तरस गए हैं तेरे Muh से कुछ सुनने को हम,
Pyaar की बात न सही कोई शिकायत ही कर दे..!!
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अमीर तो हम भी बहुत थे, पर दॊलत सिर्फ दिल की थी
खर्च भी बहुत किया ए दोस्त, पर दुनिया मे गिनती सिर्फ नोटों की हुई
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अपनी कमजोरियो का जिक्र कभी न करना
जमाने से लोग कटी पतंग को जम कर लुटा करते हैँ॥
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अब ना करूँगा अपने दर्द को बया किसी के सामने,
दर्द जब मुझको ही सहना है तो तमाशा क्यूँ करना.
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कोई याद नहीं करता जब तक मैं खुद न करूँ याद,
ऐसी हालत में कैसे कह दूँ कि मेरे अपने बहुत हैं.
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अधूरे लोग सिर्फ़ अधूरे ही नहीं होते उनके अधूरेपन मे कई सपनों
और छोटी-छोटी ख़्वाहिशों के बिखरने का इतिहास दफन होता है.
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हज़ारो मैं मुझे सिर्फ़ एक वो शख्स चाहिये,
जो मेरी ग़ैर मौजूदगी मैं, मेरी बुराई ना सुन सके.
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ख़्वाब ही ख़्वाब कब तलक देखू,
अब दिल चाहता है तुझको भी इक झलक देखू.