प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अहमदाबाद और मुंबई के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की नींव रखी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलने वाली भारत की पहली तेज रफ्तार बुलेट ट्रेन के लिए साबरमती स्टेशन पर भूमि पूजन कर परियोजना की शुरुआत की। यह ट्रेन लगभग पांच सौ किलोमीटर की दूरी दो घंटे में तय करेगी। इस परियोजना के 2022 तक पूरी होने की संभावना है। जापान ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कम दर पर कर्ज दिया है। परियोजना के पूरा होने के बाद भारत बुलेट ट्रेन वाले गिने-चुने 15 देशों में शामिल हो जायेगा।
जापानी औद्योगिक टाउनशिप के लिए गुजरात, राजस्थान, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु में स्थानों का चयन।
भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में श्री मोदी ने कहा कि जापानी औद्योगिक टाउनशिप के विकास के लिए गुजरात, राजस्थान, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु में स्थान का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत में अपार संभावनाएं हैं तथा बड़ी संख्या में कुशल पेशेवर भी उपलब्ध हैं। जापान इनसे लाभ उठा सकता है। उन्होंने जापान के लेागों और कंपनियों को भारत में रहने तथा काम करने के लिए आमंत्रित किया।
भारत और जापान ने निवेश संवर्धन, नागर विमानन और विज्ञान-प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 15 समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
भारत और जापान ने निवेश संवर्धन, नागरिक विमानन और विज्ञान तथा टैक्नोलोजी समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के 15 द्विपक्षी समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। आज गांधीनगर में शिखर स्तर की वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे की उपस्थिति में ये समझोते किए गए। दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा भी की।दोनों देश महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों में भी घनिष्ठ सहयोगी हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि जापान ने 2016-17 में भारत में चार अरब 70 करोड़ डालर का निवेश किया जो कि इससे पहले साल की तुलना में 80 प्रतिशत अधिक है।
गुजरात में 3,800 करोड़ रुपये का और निवेश करेगी सुजुकी
सुजुकी मोटर कॉर्प ने गुजरात में 3,800 करोड़ रुपये का नया निवेश करने की घोषणा की है। कंपनी यह निवेश तीसरा कार उत्पादन कारखाना लगाने पर करेगी। कंपनी अपने भागीदारों तोशिबा और डेंसो के साथ लिथियम आयन बैटरियों के उत्पादन के लिए नई इकाई लगाने को करीब 1,150 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। हंसलपुर संयंत्र में इस नए निवेश के साथ इस सुविधा पर कंपनी का कुल निवेश 13,400 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा। यहां कंपनी पहले की दो संयंत्रों के साथ इंजन और ट्रांसमिशन उत्पादन इकाई पर 9,600 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है। हंसलपुर का संयंत्र सुजुकी मोटर कार्प की भारत में पहली पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई है।
चंद्रमा पर जल का पहला वैश्विक नक्शा तैयार हुआ
वैज्ञानिकों ने चांद की मिट्टी की सबसे ऊपरी सतह में मौजूद जल का पहला नक्शा तैयार किया है। भविष्य में चंद्रमा के अन्वेषण में यह फायदेमंद साबित होगा। यह नक्शा भारत के अंतरिक्ष यान चंद्रयान-1 पर लगे एक उपकरण की मदद से प्राप्त डेटा के आधार पर बनाया गया है। साइंस एडवांसेस जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन का आधार वर्ष 2009 में चांद की मिट्टी में जल और संबंधित अणु हाइड्रॉक्सिल की शुरूआती खोज है। अमेरिका के ब्राउन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने नासा के मून मिनरलॉजी मैपर के जरिए जुटाए गए आंकड़ों का इस्तेमाल किया।
देश के सभी 1.55 लाख डाकघर भुगतान बैंक की सुविधा देंगे
भारतीय डाक विभाग का इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) देश के सभी 1.55 लाख डाकघरों पर भुगतान बैंक की सुविधा देगा और वित्तीय सेवाओं की पेशकश करेगा। वर्ष 2018 के अंत तक उसके सभी तीन लाख कर्मचारी यह सेवा देने लगेंगे जिसके बाद पहुंच के मामले में यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा भुगतान बैंक होगा।
वित्तीय समावेशन पर संयुक्त राष्ट्र संघ के एक कार्यक्रम में आईपीपीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एपी सिंह ने कहा कि मार्च 2018 तक हमारा पोस्ट बैंक देश के हर जिले में होगा और वर्ष 2018 के अंत से पहले देश के सभी 1.55 लाख डाकघर, सभी डाकिए और ग्रामीण डाक सेवकों के पास इस सेवा की सुविधा देने वाले उपकरण मौजूद होंगे। इस साल जनवरी की शुरूआत में निजी क्षेत्र की कंपनी भारती एयरटेल ने एयरटेल पेमेंट बैंक का परिचालन शुरू किया था। इसकी पहुंच देशभर के 2.5 लाख दुकानदारों तक है।
2024 के ओलम्पिक खेल पेरिस में, 2028 की मेजबानी लॉस एंजिल्स करेगा।
वर्ष 2024 के ओलंपिक खेल पेरिस में होंगे। 2028 के ओलंपिक खेलों की मेज़बानी लॉस एंजिल्स करेगा। फ्रांस और अमरीका दोनों ने 2024 की मेजबानी के लिए दावेदारी पेश की थी। लेकिन 2024 के लिए जर्मनी, इटली और रोमानिया द्वारा दावेदारी वापस लेने के बाद फ्रांस और अमरीका ही मेज़बानी के दौर में रह गये थे।
