INDIAN POLITY QUESTION 4


Q1. किस संवैधानिक संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान में मूल कर्त्तव्यों को शामिल किया गया- 
A 40वें संवैधानिक संशोधन द्वारा 
B 41वें संवैधानिक संशोधन द्वारा 
CORRECT ANSWER 👉 42वें संवैधानिक संशोधन द्वारा 
D 43वें संवैधानिक संशोधन द्वारा 
EXPLANATION मूल संविधान में मूल कर्त्तव्यों का उल्लेख नहीं था। 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा इन्हें भारतीय संविधान में जोड़ा गया था। मूल कर्त्तव्य सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश के आधार पर जोड़े गये थे। 

Q2. भारतीय संविधान में मूल कर्त्तव्य किस देश के संविधान से हैं? 
A आयरलैण्ड 
B ब्रिटेन 
C सं.रा. अमेरिका 
CORRECT ANSWER 👉 सोवियत संघ 
EXPLANATION मूल कर्त्तव्य भारतीय संविधान में सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर पूर्व सोवियत संघ (रूस) के संविधान से लिए गये हैं। 

Q3. मौलिक कर्त्तव्य नहीं हैं- 
A सार्वजनिक सम्पत्ति की सुरक्षा करना 
B संविधान का पालन करना 
C देश की एकता और अखण्डता की रक्षा करना 
CORRECT ANSWER 👉 धर्म निरपेक्षता का पालन करना 
EXPLANATION उपरोक्त प्रश्नानुसार (4) धर्म निरपेक्षता का पालन करना मौलिक कर्त्तव्य नहीं है। संविधान के अनुसार भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है क्योंकि भारत का अपना कोई धर्म नहीं है। धर्म निरपेक्षता का उल्लेख प्रस्तावना, मौलिक अधिकार एवं नीति निदेशक तीनों ही भागों में किया गया है। प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किया गया है। 

Q4. भारतीय संविधान में मौलिक कर्त्तव्यों का उल्लेख किस अनुच्छेद में किया गया है? 
A 42 
B 51 
CORRECT ANSWER 👉 51(क) 
D 52 
EXPLANATION मूल कर्त्तव्यों को संविधान के भाग-4(क) तथा अनुच्छेद-51(क) में शामिल किया गया है। 

Q5. अनुच्छेद-51 संबंधित है- 
CORRECT ANSWER 👉 अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि से 
B अंतर्राष्ट्रीय विवादों को मध्यस्थता द्वारा निपटारे को प्रोत्साहन देने से 
C राष्ट्रों के बीच न्यायसंगत और सम्मानपूर्ण संबंधों को बनाये रखने से 
D महिलाओं के प्रति सम्मानपूर्ण दृष्टि से 

EXPLANATION अनुच्छेद-51 का सम्बंध अन्तर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि से है, जबकि अनुच्छेद-51(क) का सम्बंध मूल कर्त्तव्यों से है। अनुच्छेद-51 राज्य के लिए हैं जबकि अनुच्छेद-51(क) नागरिकों के लिए है। 

Q6. भारत की प्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करने और उसे अक्षुण्ण रखने के मूल कर्त्तव्य को किस स्थान पर रखा गया है? 
A चौथे 
B पहले 
C दूसरे 
CORRECT ANSWER 👉 तीसरे 

EXPLANATION अनुच्छेद-51(क) के अनुसार भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य होगा कि वह – (i) संविधान का पालन करे उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर करे। (ii) स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोए रखे और उनका पालन करे। (iii) भारत की प्रभुता, एकता और अखण्डता की रक्षा करे और उसे अक्षुण्ण रखे। मूल कर्त्तव्य को तीसरे स्थान पर रखा गया है। 

Q7. भारत के संविधान के किस भाग में मौलिक कर्त्तव्य उल्लेखित हैं? 
A भाग-III 
B भाग-IV 
CORRECT ANSWER 👉 भाग-IVA 
D भाग-VI 

EXPLANATION भारतीय संविधान के भाग-4(क) में मूल कर्त्तव्यों का प्रावधान है तथा ये वर्तमान भारतीय संविधान के अनुच्छेद-51(क) में हैं। 

Q8. किस आयु वर्ग के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा में शामिल किया गया है? 
A 3 से 15 वर्ष 
B 4 से 16 वर्ष 
CORRECT ANSWER 👉 6 से 14 वर्ष 
D 6 से 12 वर्ष 

EXPLANATION 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के द्वारा 6 से 14 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के माता-पिता और संरक्षक, उन्हें शिक्षा के अवसर प्रदान करें। वर्तमान भारत में नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अनुच्छेद-21(क) में है। 

Q9. एक नागरिक के मूल कर्त्तव्यों में निम्न में से कौनसा कर्त्तव्य सम्मिलित नहीं है? 
A प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और उसका संवर्धन 
B स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को संजोए रखें ओर उनका पालन करें। 
CORRECT ANSWER 👉 अस्पृश्यता मिटाने की ओर प्रयास करें 
D वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें 

EXPLANATION उपरोक्त प्रश्नानुसार (3) अस्पृश्यता मिटाने की ओर प्रयास करें। यह एक मूल कर्त्तव्यों की श्रेणी में नहीं है। संविधान के अनुच्छेद-17 में अस्पृश्यता के अंत का प्रावधान है। यह एक स्वत: क्रियान्वित कानून है। इसके उल्लंघन पर दण्ड की व्यवस्था है। 

Q10. निम्नलिखित में से कौनसे मूल संविधान में शामिल नहीं थे? 
A मूल अधिकार 
B नीति निदेशक तत्व 
CORRECT ANSWER 👉 मूल कर्त्तव्य 
D उपरोक्त में से कोई नहीं 

EXPLANATION मूल कर्त्तव्य मूल संविधान में शामिल नहीं थे। इन्हें 42वें संविधान संशोधन द्वारा 1976 में जोड़ा गया। जब ये जोड़े गये उस समय इनकी संख्या 10 थी। 86वें संविधान संशोधन के बाद इनकी संख्या 11 है।