INDIAN POLITY QUESTION 5


Q1. 'राज्य के नीति-निदेशक तत्व एक चैक हैं जिसकी अदायगी बैंकों की सुविधानुसार होगी।' यह कथन किसका है? 
CORRECT ANSWER के.टी. शाह 
B महात्मा गाँधी 
C कृष्णास्वामी आयंगर 
D डॉ. के.एम. मुंशी 
EXPLANATION राज्य की नीति के निदेशक तत्वों का उल्लेख संविधान के भाग – 4 और अनुच्छेद – 36 से 51 तक में किया गया है। इनकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य भारत में कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना है। के.टी. शाह के अनुसार, राज्य के नीति निदेशक सिद्धान्त एक ऐसा चैक हैं जो बैंक की सुविधानुसार अदा किया जाता है। क्योंकि इन्हें न्यायालय द्वारा लागू नहीं कराया जा सकता है। 

Q2. नीति-निदेशक तत्व 'संविधान की आत्मा' हैं। उक्त कथन किसका है? 
A के.सी. ह्वेयर 
CORRECT ANSWER ऑस्टिन 
C के. संथानम् 
D के.बी. राव 
EXPLANATION जी. आस्टिन ने नीति निदेशक तत्वों को संविधान की आत्मा कहा है। क्योंकि ये निश्चित कार्यों को करने का आदेश देते हैं। ये बाध्यकारी नहीं हैं। 

Q3. राज्य के नीति-निदेशक तत्व संविधान के किस भाग में उल्लेखित हैं? 
A भाग-3 
CORRECT ANSWER  भाग-4 
C भाग-5 
D भाग-6 
EXPLANATION नीति निदेशक तत्वों का उल्लेख संविधान के भाग – 4 और अनुच्छेद – 36 से 51 तक में किया गया है। संविधान की प्रस्तावना द्वारा भारत के नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता एवं न्याय सुलभ कराने का जो संकल्प व्यक्त किया गया है, वह इन आदर्शों को क्रियान्वित किये जाने पर पूर्ण हो सकता है। 

Q4. निम्नलिखित में से कौनसे राज्य के नीति निदेशक तत्व को संविधान में बाद में जोड़ा गया? 
A ग्राम पंचायतों का संगठन 
B समान नागरिक संहिता 
C लोककल्याणकारी राज्य की स्थापना 
CORRECT ANSWER  सहकारी समितियों को प्रोत्साहन 
EXPLANATION 97 वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा नीति निदेशक सिद्धान्तों में अनुच्छेद – 43 (ख) जोड़ा गया जिसमें कहा गया है कि राज्य, सहकारी समितियों के स्वैच्छिक निर्माण, कार्यों, नियंत्रण व प्रबंधन को बढ़ावा देगा। 

Q5. राज्य नीति के निदेशक सिद्धांतों के निम्नलिखित अनुच्छेदों में से कौनसा अन्तर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के संवर्धन से संबंधित है? 
CORRECT ANSWER  51 
B 48(क) 
C 43(क) 
D 41 
EXPLANATION संविधान का अनुच्छेद – 51, अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति और सुरक्षा तथा भारत की विदेश नीति सम्बंधी निदेशक तत्व के बारे में है। संविधान के अनुसार राज्य अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र में निम्नलिखित आदर्शों को प्राप्त करने के लिए कार्य करेगा। (i) अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति और सुरक्षा में वृद्धि करना (ii) राष्ट्रों के बीच न्याय और सम्मान पूर्ण सम्बंध बनाये रखने का, (iii) राष्ट्रों के आपसी व्यवहार में अन्तर्राष्ट्रीय कानून और सन्धियों के प्रति आदर का भाव बढ़ाने। (iv) अन्तर्राष्ट्रीय झगड़ों को मध्यस्थता द्वारा सुलझाने को प्रोत्साहित करने के लिए। 

Q6. राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों में निम्न में से किसके बारे में संविधान शांत है? 
CORRECT ANSWER  प्रौढ़ शिक्षा 
B कर्मकारों को निर्वाह मजदूरी 
C गरीबों को नि:शुल्क विधिक सहायता 
D बालकों की प्रारम्भिक शिक्षा जब तक वे 6 वर्ष की आयु न प्राप्त कर लें। 
EXPLANATION नीति निदेशक तत्वों में शिक्षा का उल्लेख तीन अनुच्छेदों में आता है, जो निम्न है। (i) अनुच्छेद – 40B कुछ दशाओं में काम, शिक्षा और लोक सहायता पाने का अधिकार। (ii) अनुच्छेद – 45B प्रारम्भिक शैशवावस्था की देखरेख, 6 वर्ष से कम आयु के बालकों की शिक्षा का प्रावधान। (iii) अनुच्छेद – 46B अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जन जातियों और दुर्बल वर्गों के शिक्षा और अर्थ सम्बंधी हितों की अभिवृद्धि। अत: नीति निदेशक सिद्धान्तों में प्रौढ़ शिक्षा के सम्बंध में संविधान शांत है। 

Q7. भारतीय संविधान में राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों का विचार लिया गया है- 
CORRECT ANSWER  आयरलैण्ड के संविधान से 
B कनाडा के संविधान से 
C दक्षिणअफ्रीका के संविधान से 
D ऑस्ट्रेलिया के संविधान से 

EXPLANATION भारतीय संविधान में नीति निदेशक सिद्धान्तों का प्रावधान आयरलैड के संविधान से लिया गया है। संविधान सभा में बी. एन. राव ने नीति निदेशक सिद्धान्तों की सिफारिश की थी, तथा तेज बहादुर सप्रू द्वारा ये तैयार किए गये थे। 

Q8. निम्न में से कौन एक राज्य के नीति निदेशक तत्वों में नहीं है? 
A पुरुष और महिलाओं को समान कार्य हेतु समान वेतन 
B जीविकोपार्जन हेतु पर्याप्त साधनों का समान अधिकार 
CORRECT ANSWER  अस्पृश्यता उन्मूलन 
D काम हेतु न्यायसंगत और मानवोचित दशाओं में रहें 

EXPLANATION उपरोक्त प्रश्नानुसार कथन (3) अस्पृश्यता उन्मूलन नीति निदेशक सिद्धांतों में शामिल नहीं है क्योंकि यह एक मौलिक अधिकार है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद-17 में अस्पृश्यता का अंत किया गया है, जिसके अनुसार यह भारतीय समाज में व्याप्त कुरीति अस्पृश्यता का अंत करता है तथा छुआछूत का समर्थन करने वालों को दण्डित करने की व्यवस्था करता है। भारतीय संसद ने अनुच्छेद-17 के अधीन शक्ति का प्रयोग करते हुए 'अस्पृश्यता अपराध अधिनियम, 1955' अधिनियमित किया जिसे सन् 1976 में पुन: संशोधन कर 'नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1976' नया नाम दिया गया है। 

Q9. संविधान के किस अनुच्छेद के द्वारा उद्योग के प्रबंधन में कर्मकारों की भागीदारी का प्रावधान दिया गया है? 
A अनुच्छेद-43 
CORRECT ANSWER  अनुच्छेद-43A 
C अनुच्छेद-45 
D अनुच्छेद-47 
EXPLANATION 42 वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 के द्वारा अनुच्छेद-43(A) जोड़ा गया जिसके अनुसार उद्योगों के प्रबंधन में कर्मचारियों को सहभागिता प्रदान की गई थी। 

Q10. निम्न में से किस अनुच्छेद के अनुसार राज्य, देश के पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का प्रयास करेगा? 
A अनुच्छेद-48 
CORRECT ANSWER अनुच्छेद-48(क) 
C अनुच्छेद-49 
D अनुच्छेद-50 
EXPLANATION अनुच्छेद-48(क) के अनुसार राज्य देश के पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का तथा वन और वन्यजीवों की सुरक्षा का प्रयास करेगा। यह निदेशक तत्व संविधान में 42वें संविधान संशोधन द्वारा 1976 में जोड़ा गया था। 

Q11. निदेशक सिद्धांतों का अनुपालन मुख्यत: निर्भर करता है- 
A न्यायालयों पर 
B संसद में प्रभावी विपक्ष पर 
CORRECT ANSWER  सरकार के उपलब्ध संसाधनों पर 
D जन सहयोग पर 

EXPLANATION संविधान के अनुच्छेद-37 में कहा गया है कि इस भाग में दिये गये उपबंधों को किसी भी न्यायालय द्वारा लागू नहीं कराया जा सकता है, फिर भी इसमें दिये हुए तत्व देश के शासन में मूलभूत हैं और विधि निर्माण में इन तत्वों का प्रयोग करना राज्य का कर्त्तव्य होगा। भारत में साम्प्रदायिक सदˎभाव भी तत्कालीन परिस्थितियों में बिगड़ा हुआ था, जिसके कारण वह सभी लक्ष्यों को तत्काल प्राप्त नहीं कर सकता था। इसी कारण कहा गया जैसे-जैसे राज्य के उपलब्ध आर्थिक संसाधन बढ़ेंगे वह इनका क्रियान्वयन करेगा। अत: निदेशक तत्वों का अनुपालन मुख्यत: सरकार के उपलब्ध संसाधनों पर निर्भर करता है। 

Q12. समान न्याय और नि:शुल्क विधिक सहायता का प्रावधान संविधान के किस अनुच्छेद में है? 
A 38वें 
B 38वें(क) 
C 39वें 
CORRECT ANSWER  39वें(क) 

EXPLANATION अनुच्छेद-39(क) के तहत राज्य को निर्देशित किया गया है कि वह इस बात का प्रयत्न करेगा कि कानूनी तंत्र का संचालन इस प्रकार हो कि सभी को समान रूप से न्याय उपलब्ध हो सके, तथा आर्थिक रूप से कमजोर या किसी अन्य प्रकार से निर्योग्य व्यक्तियों के लिए नि:शुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित हो, जिससे कि वह न्याय प्राप्त करने से वंचित न रह जाये। यह प्रावधान 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा किया था।