INDIAN POLITY QUESTION 6
Q1. सम्पत्ति का अधिकार है-
CORRECT ANSWER एक विधिक अधिकार
B एक प्राकृतिक अधिकार
C एक मौलिक अधिकार
D उपर्युक्त में से कोई नहीं
EXPLANATION 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा सम्पत्ति के अधिकार को मूल अधिकारों से निकाल कर कानूनी अथवा विधिक अधिकार बनाया गया था। यह वर्तमान भारतीय संविधान के अनुच्छेद-300(क) में है।
Q2. मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए स्थगन आदेश जारी करने का अधिकार उच्च न्यायालय को किस अनुच्छेद के तहत दिया गया है?
A अनुच्छेद 229
B अनुच्छेद 32
CORRECT ANSWER अनुच्छेद 226
D अनुच्छेद 225
EXPLANATION मौलिक अधिकार अंतिम रूप से सर्वोच्च न्यायालय के संरक्षण में हैं। सर्वोच्च न्यायालय अनुच्छेद-32 के तहत प्राप्त शक्ति का प्रयोग केवल व्यक्ति के मूल अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए ही कर सकता है जबकि अनुच्छेद-226 के तहत मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए उच्च न्यायालय स्थगन आदेश जारी कर सकता है।
Q3. निम्नलिखित में से किस एक अधिकार को डॉ. बी.आर. अम्बेडकर द्वारा 'संविधान की आत्मा तथा दीवार' कहा गया है?
A धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार
B संपत्ति का अधिकार
C समानता का अधिकार
CORRECT ANSWER संवैधानिक उपचारों का अधिकार
EXPLANATION अनुच्छेद-32 संवैधानिक उपचारों के अधिकार को डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने संविधान की आत्मा तथा दीवार की संज्ञा दी है। डॉ. अम्बेडकर के अनुसार यह एक अनुच्छेद है जिसके बिना संविधान अर्थविहीन है, यह संविधान की आत्मा, हृदय तथा दीवार है। संविधान की आत्मा प्रस्तावना को कहा जाता है।
Q4. मूल अधिकारों की रक्षा की जा सकती है-
CORRECT ANSWER सुप्रीम कोर्ट के द्वारा
B संसद के द्वारा
C कार्यपालिका के द्वारा
D इसकी रक्षा स्वत: ही हो जाती है।
EXPLANATION मूल अधिकारों की संवैधानिक घोषणा तब तक अर्थहीन, तर्कहीन एवं शक्तिहीन है, जब तक कोई उसे लागू करने के लिए न हो। इस तरह अनुच्छेद-32 संवैधानिक उपचारों का अधिकार प्रदान करता है। सम्पूर्ण भारतीय क्षेत्र से कोई भी व्यक्ति अपने मूल अधिकारों की रक्षा के लिए सीधे सुप्रीम कोर्ट में जा सकता है। सर्वोच्च न्यायालय मूल अधिकारों का संरक्षक है।
Q5. संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों को संशोधित करने का अधिकार मात्र है-
A राष्ट्रपति को
B प्रधानमंत्री को
CORRECT ANSWER संसद को
D सर्वोच्च न्यायालय को
EXPLANATION अनुच्छेद-35 के अनुसार केवल संसद को कुछ विशेष मूल अधिकारों को प्रभावी बनाने के लिए कानून बनाने की शक्ति प्रदान करता है। संसद संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों में आवश्यक संशोधन करा सकती है।
Q6. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 के पूर्व सम्पत्ति के अधिकार का उल्लेख संविधान के किस अनुच्छेद में था?
A अनुच्छेद-19
B अनुच्छेद-20
CORRECT ANSWER अनुच्छेद-31
D अनुच्छेद-22
EXPLANATION 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा अनुच्छेद-31 सम्पत्ति के अधिकार को मूल अधिकारों की सूची से निकालकर एक कानूनी अधिकार बना दिया गया है। इस संशोधन द्वारा अनुच्छेद-19(1)(च) में उपबंधित सम्पत्ति के अर्जन, धारण और व्ययन की स्वतंत्रता को समाप्त कर दिया गया है।
Q7. मूल अधिकारों को प्रवर्तित करने के लिए 'रिट' जारी कर सकते हैं?
A जिला न्यायालय
B राष्ट्रपति
C केवल उच्चतम न्यायालय
CORRECT ANSWER उच्चतम और उच्च न्यायालय दोनों
EXPLANATION मूल अधिकारों को प्रवर्तित करने के लिए उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय रिट जारी कर सकते हैं। जहाँ सर्वोच्च न्यायालय केवल मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की दशा में अनुच्छेद-32 के अंतर्गत रिट जारी करता है, वही उच्च न्यायालय अनुच्छेद-226 के अंतर्गत न केवल मूल अधिकारों को लागू करने के लिए बल्कि अन्य किसी प्रकार की भी क्षति को ठीक करने के लिए भी रिट जारी कर सकता है।


0 Comments