Q1.
कोपेन द्वारा प्रस्तुत जलवायु प्रदेशों में से राजस्थान में कौन-सा सुमेलित नहीं है-
- हाड़ौती, मेवात एवं डांग क्षेत्र मुख्यत: इसी क्षेत्र में आते हैं।
Q2.
हवा के साथ तापमान में परिवर्तन और वर्षा का होना कहलाता है-
- मानसून का अर्थ है हवाओं के साथ तापमान में परिवर्तन और वर्षा का होना।
- मानसून का पता सर्वप्रथम प्रथम सदी ई. में हिप्पोलस ने लगाया था।
Q3.
पवनों के चलने का सही क्रम है-
- पवनें हमेशा उच्च दाब से निम्न दाब की ओर चलती है।
Q4.
राजस्थान में कौन-सी जलवायु नहीं पाई जाती है?
- राजस्थान की जलवायु यद्यपि मरुस्थलीय अवश्य है किन्तु इसमें अर्द्ध शुष्क जलवायु पाई जाती है।
Q5.
राजस्थान में सर्वाधिक सूर्य ताप वाला जिला कौन-सा है?
- सर्वाधिक सूर्य ताप वाला जिला बाँसवाड़ा तथा राज्य का सबसे गर्म जिला चूरू हैं।
Q6.
जून माह में राजस्थान के उत्तर-पश्चिम भाग में न्यून-वायुदाब रहता है-
- सूर्य ताप की अधिक प्राप्ति एवं समुद्र तट से दूरी के कारण न्यून वायुदाब रहता है।
Q7.
राजस्थान में अति आर्द्र जलवायु वाला जिला कौन-सा है?
- यहाँ वर्षा का औसत 80 सेमी. से 120 सेमी. तक पाया जाता है।
Q8.
राजस्थान में 60 से 80 सेमी. वार्षिक औसत वर्षा वाला जलवायु प्रदेश कौन-सा है?
- इस क्षेत्र में वर्षा का वार्षिक औसत 60 सेमी. से 80 सेमी. वर्षा है।
Q9.
राजस्थान में अधिकांश वर्षा किन पवनों से होती है?
- मानसूनी पवनें राजस्थान के दक्षिणी-पश्चिमी दिशा से प्रवेश करती है।
- यह मानसूनी पवनें बंगाल की खाड़ी से आती है।
Q10.
पश्चिमी राजस्थान में उच्च तापान्तर हेतु उत्तरदायी कारण है-
- ग्रीष्म ऋतु का तापमान 45o से 50o सेल्सियस रहता है।
Q11.
राजस्थान का उप-आर्द्र जलवायु क्षेत्र है-
- इस प्रदेश में वर्षा का वार्षिक औसत 40 सेमी. से 60 सेमी. के मध्य होता है।
Q12.
कोपेन ने राजस्थान के जलवायु प्रदेश के वर्गीकरण का आधार माना है?
कोपेन ने राजस्थान की जलवायु को चार भागों में विभाजित किया हैं-
(i) उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु प्रदेश (Aw)
(ii) अर्द्ध शुष्क या स्टेपी जलवायु प्रदेश (Bshw)
(iii) शुष्क उष्ण कटिबंधीय जलवायु प्रदेश (Bwhw)
(iv) उप आर्द्र जलवायु प्रदेश (Cwg)- थार्नवेट ने वर्षा, तापमान एवं वाष्पीकरण को जलवायु का आधार माना है। जबकि ट्रिवार्था ने वर्षा को अपने जलवायु प्रदेश के वर्गीकरण का आधार माना है।
Q13.
निम्नलिखित में से राजस्थान के किस जिले में औसत वार्षिक वर्षा सबसे अधिक होती है?
- यहाँ औसत वार्षिक वर्षा 80 सेमी. से 100 सेमी. तक पाई जाती है।
इसमें झालावाड़, बाँसवाड़ा, कोटा, उदयपुर आदि प्रमुख जिले हैं।
Q14.
कोपेन के वर्गीकरण के अनुसार ‘सवाना तुल्य वनस्पति’ किस जलवायु प्रदेश में मिलती है?
- यहाँ गर्मी का औसत तापमान 300 से 340 सेल्सियस तथा सर्दीयों में 120 से 150 सेल्सियस रहता है।
- यहाँ मानसूनी पतझड़ वाले वृक्ष मिलते हैं ये सवाना तुल्य घास के मैदानों में पाए जाते हैं।
Q15.
राजस्थान के अर्द्ध शुष्क जलवायु प्रदेश में किस प्रकार की वनस्पति पाई जाती है?
- इस अर्द्ध शुष्क जलवायु प्रदेश में झुंझुनूँ, सीकर, जयपुर, चूरू, नागौर, पाली, जालोर, सिरोही जिले सम्मिलित हैं।
Q16.
कोपेन के वर्गीकरण के अनुसार Cwg-उप-आर्द्र-जलवायु कौन-से जिलों में पाई जाती है?
Q17.
“उष्ण मरुस्थलीय जलवायु प्रदेश” कोपेन के कौन-से जलवायु प्रदेश को कहा जाता है?
- इस प्रदेश में मुख्यत: अरावली के पश्चिमी का क्षेत्र आता है जिसमें जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, हनुमानगढ़ तथा श्रीगंगानगर के क्षेत्र सम्मेलित हैं।
- यह जलवायु प्रदेश वनस्पति विहीन एवं बालुका स्तूपों से परिपूर्ण क्षेत्र है।
Q18.
राजस्थान में सर्वाधिक धूल भरी आंधियाँ किस जिले में चलती है?
- ये आंधियाँ श्रीगंगानगर (27 दिन), बीकानेर (18 दिन), जैसलमेर (16 दिन), बाड़मेर (13 दिन), जोधपुर (9 दिन), जयपुर (6 दिन), कोटा (5 दिन), अजमेर (3 दिन) चलती है।
Q19.
राजस्थान में जून माह में न्यूनतम वायुदाब जिस जिले में संभावित है वह है-
- सूर्य ताप की अधिक प्राप्ति व समुद्र तट से दूरी के कारण न्यून वायुदाब रहता है। जिसके कारण जैसलमेर जिले में वर्षा कम होती है।
Q20.
ग्रीष्म काल में राजस्थान में उत्पन्न छोटे वायु भंवर (चक्रवात) को क्या कहते है?
- मई-जून माह में जब सूर्य की तेज किरणे राज्य के भू-भाग पर पड़ती तब वायु मण्डल में संवाहनिक धाराओं की उत्पत्ति हो जाती है जिसके कारण वायु भंवर उत्पन्न हो जाते हैं, जिन्हें भभूल्या कहते हैं।
Q21.
निश्चित समय अवधि और स्थान विशेष में चलने वाली पवनें कहलाती है-
- निश्चित समय अवधि और स्थान विशेष में चलने वाली पवनों को स्थानीय पवनें कहा जाता है।
- दक्षिणी अक्षांश के क्षेत्रों अर्थात् उपोष्ण उच्च वायुदाब कटिबंधों से भू-मध्य रेखीय निम्न वायुदाब कटिबंध की ओर दोनों गोलार्द्धा में वर्षभर निरन्तर प्रवाहित होने वाली पवनों को व्यापारिक पवन कहा जाता है।
- पछुआ पवनें पृथ्वी के दोनों गोलार्द्ध में प्रवाहित होने वाली स्थायी पवनें है। इन पवनों दिशा पश्चिमी दिशा में होने के कारण इन्हें पछुआ पवनें कहा जाता है। पछुआ पवनें उत्तर गोलार्द्ध में दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर प्रवाहित होती है।
Q22.
राजस्थान में किस ऋतु में सर्वाधिक धूल भरी आंधियाँ चलती है?
- पश्चिमी राजस्थान में ग्रीष्म काल में धूल भरी आंधियाँ चलती है। इन आंधियों की गति लगभग 120 कि.मी प्रति घण्टा से भी अधिक होती है।
Q23.
वर्षा की मात्रा के आधार पर जलवायु का वर्गीकरण किसने किया?
(i) उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु प्रदेश (Aw)
(ii) उष्ण एवं अर्द्ध कटिबंधीय जलवायु प्रदेश (Bsh)
(iii) मरुस्थलीय या शुष्क जलवायु प्रदेश (Bwh)
(iv) अर्द्ध उष्ण आर्द्र जलवायु प्रदेश (Caw)
Q24.
राजस्थान में अरब-सागरीय मानसून का प्रवेश द्वार कौन-से जिले को कहा जाता है।
- राजस्थान में सर्वप्रथम मानसून बाँसवाड़ा जिले में प्रवेश करता है और मानसून इस भाग में सबसे पहले विदा भी हो जाता है।
Q25.
राजस्थान में बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी शाखा की हवाओं की दिशा है-
- पूर्व से आने वाली नमी युक्त हवाएँ झालावाड़ में पुरवईया कहलाती है।
Q26.
राजस्थान में सर्वाधिक आर्द्रता या नमी लाने वाली मानसून की कौन-सी शाखा है?
- राजस्थान में सबसे कम आर्द्रता अप्रैल माह में व सबसे अधिक आर्द्रता अगस्त माह में रहती है।
Q27.
राजस्थान में सर्वाधिक वर्षा वाला जिला है-
- न्यूनत्तम वर्षा वाला जिला जैसलमेर (10 सेमी. वर्षा)
- राजस्थान का सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान माउण्ट आबू है।
- न्यूनत्तम वर्षा वाला स्थान सम (जैसलमेर) है।


0 Comments